तकनीकी सम्मेलन का भी शुभारंभ
समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपनाने का आह्वान
बीदर. कर्नाटक वेटरनरी, एनिमल एंड फिशरीज साइंसेज विश्वविद्यालय परिसर में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ तथा एससी-एसटी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तकनीकी सम्मेलन का भी उद्घाटन किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.सी. वीरन्ना ने प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार केवल भारतीय संविधान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समानता, शिक्षा, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं से संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
आंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक
सम्मेलन के मुख्य वक्ता और कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के कन्नड़ विभाग के प्राध्यापक डॉ. अप्पागेरे सोमशेखर ने विशेष व्याख्यान में डॉ. आंबेडकर के विचारों, भारतीय संविधान की संरचना तथा समकालीन समाज में उनकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उपसमिति के अध्यक्ष डॉ. वेंकटाचल वी.एस., विश्वविद्यालय प्रबंधन मंडल के सदस्य डॉ. एच.एम. जयप्रकाश, लता डी.एच., बसवराज भटमुरगे तथा संगप्पा वालिकर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर डॉ. आंबेडकर पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी गई, एक स्मारिका का विमोचन किया गया तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने वाले विद्यार्थियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत एससी-एसटी प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. गंगानायक के परिचयात्मक वक्तव्य से हुई। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.टी. रमेश ने स्वागत किया। आयोजन समिति के डॉ. संजीवकुमार एम. और डॉ. भगवंतप्पा ने आभार व्यक्त किया, जबकि डॉ. चन्नप्पा गौड़ा बिरादार ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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