लाडलापुर में 2 हजार ‘साबण्णा-साबम्मा’, सद्भाव की अनोखी मिसाल
वाड़ी (कलबुर्गी)। चित्तापुर तालुक के लाडलापुर गांव में पहुंचते ही यदि कोई पूछे, “किसके घर जाना है?”, तो यह सामान्य बात है। लेकिन किसी व्यक्ति को ढूंढने पर अगला सवाल…
वाड़ी (कलबुर्गी)। चित्तापुर तालुक के लाडलापुर गांव में पहुंचते ही यदि कोई पूछे, “किसके घर जाना है?”, तो यह सामान्य बात है। लेकिन किसी व्यक्ति को ढूंढने पर अगला सवाल…