शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह
धारवाड़। शहर के पाटील पुट्टप्पा सभाभवन में शनिवार को आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में जिला प्रभारी मंत्री संतोष एस. लाड ने कहा कि देश का इतिहास सही ढंग से बताने का कार्य शिक्षक करते हैं। विद्यार्थियों में श्रेष्ठ विचारों का बीजारोपण करने की शक्ति शिक्षकों में है।
मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी
मंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय मूल्य, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों में विकसित करनी चाहिए। उन्होंने बुद्ध, बसवन्ना, प्लेटो, आइंस्टीन जैसे महापुरुषों के विचारों को दार्शनिक दीपक बताते हुए शिक्षकों की भूमिका को निर्णायक बताया।
‘सत्प्रजाओं का निर्माण करें’
विधायक एन.एच. कोनरेड्डी ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाएं और उन्हें सच्चे नागरिक बनाने की दिशा में प्रेरित करें। इस अवसर पर जिला स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
एसडीएम विश्वविद्यालय में ‘गुरुवंदना’
एसडीएम विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ. निरंजनकुमार ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को योग्य पेशेवर और सम्मानित नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर डॉ. विद्या कामत, डॉ. पुष्पा पाटील, डॉ. अरुणकुमार और डॉ. महांतेश एली को सम्मानित किया गया।
‘भारतीय परंपरा में गुरु-शिष्य संबंध’
एक्सेलेंट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में संस्थापक निदेशक प्रवीण गिरीयप्पनवर ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में अच्छे गुणों का विकास करें। शिक्षक मुरलीधर हेगड़े ने भारतीय परंपरा और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
तकनीक का सही उपयोग
जिलाधिकारी स्नेहल ने कहा कि आज तकनीक से जानकारी आसानी से उपलब्ध है, लेकिन उसका सही उपयोग विद्यार्थियों को सिखाना भी शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
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