मैंने इस्तीफा नहीं दिया, अविश्वास प्रस्ताव लाएं तो सदन में ही दूंगा जवाब
नए नाम की घोषणा पर जताई संवैधानिक आपत्ति
हुब्बल्ली। कर्नाटक विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी ने अपने पद को लेकर चल रही अटकलों पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि सभापति का पद संवैधानिक पद है और इस पर निर्णय केवल सदन में ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पद पर रहते हुए किसी अन्य व्यक्ति के नाम की घोषणा करना देश के संसदीय इतिहास में अभूतपूर्व है।
होरट्टी ने कहा कि मैंने अभी तक सभापति पद से इस्तीफा नहीं दिया है। यदि सरकार या सदस्य मेरे विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं तो पहले उसका नोटिस दें। नोटिस की जांच के बाद सदन में चर्चा कराई जाएगी और सभी सदस्यों की राय सुनने के बाद ही मैं अपना निर्णय सार्वजनिक करूंगा।
सदन के बाहर चर्चा अनुचित
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से सभी दलों के सदस्यों के सहयोग से उन्होंने निष्पक्ष रूप से सदन का संचालन किया है।
होरट्टी ने कहा कि मुझे सभापति बनाने का निर्णय भी सदन ने ही लिया था, इसलिए मेरे भविष्य का फैसला भी सदन में ही होना चाहिए। सदन के बाहर इस पद को लेकर चर्चा करना संवैधानिक गरिमा के अनुरूप नहीं है।
होरट्टी ने कहा कि उन्होंने मीडिया के माध्यम से किसी अन्य सदस्य के नाम की घोषणा की खबर देखी है, लेकिन उस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। “पहले मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का कारण बताया जाए, फिर मैं सदन के भीतर ही अपना पक्ष रखूंगा।”
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