तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में ऐतिहासिक समारोह
जल प्रबंधन और अंतरराज्यीय परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा
कोप्पल। मुनिराबाद में गुरुवार को तुंगभद्रा जलाशय के 33 नए क्रेस्ट गेटों का लोकार्पण एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह को दक्षिण भारत की सिंचाई व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबु नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने संयुक्त रूप से जलाशय के 18वें गेट के समीप लोकार्पण किया। इसके बाद हाईस्कूल मैदान में आयोजित सार्वजनिक समारोह में तीनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय नदी परियोजनाओं और जल प्रबंधन पर उच्चस्तरीय बैठक भी हुई।
किसानों के लिए नई उम्मीद
तुंगभद्रा जलाशय को तीनों राज्यों के लाखों किसानों की जीवनरेखा माना जाता है। नए गेटों से जलाशय की सुरक्षा और जल प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे सिंचाई व्यवस्था को नया बल मिलेगा और कृषि उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
विवाद भी बने चर्चा का विषय
कार्यक्रम के दौरान मुनिराबाद काडा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक हसनसाब दोटीहाल को वीआईपी प्रवेश से रोकने पर पुलिस और उनके बीच बहस हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि काडा अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें मंच पर स्थान नहीं दिया गया। पुलिस का कहना था कि उनका नाम प्रोटोकॉल सूची में नहीं था।
इसके अलावा जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी की अनुपस्थिति भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रही। पहले ही विभागीय जिम्मेदारी को लेकर उनकी नाराजगी सामने आ चुकी थी, ऐसे में इस समारोह से दूरी को राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
सुरक्षा और जनभागीदारी
समारोह के दौरान मुनिराबाद और आसपास के क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए। हजारों लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
