एमईएस नेता शेलके के बयान से नया विवाद
मराठी भाषा को स्थान नहीं देने वाले प्रतिष्ठानों के बहिष्कार का आह्वान
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बेलगावी. महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) के नेता शुभम शेलके द्वारा मराठी भाषा को नामपट्टिकाओं में स्थान नहीं देने वाले व्यापारियों के बहिष्कार का आह्वान किए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मराठी को सम्मान देने वाले व्यापारियों से ही खरीदारी की अपील
वीडियो में शेलके ने कहा है कि जो कन्नड़भाषी व्यापारी मराठी भाषा को सम्मान देते हैं, वे मराठी भाषियों के भाई समान हैं और ऐसे प्रतिष्ठानों से ही खरीदारी करनी चाहिए। जिन व्यापारियों ने अपनी नामपट्टिकाओं में मराठी भाषा को स्थान नहीं दिया है, उनके साथ मराठी भाषियों को कोई व्यावसायिक लेन-देन नहीं करना चाहिए।
मराठी व्यापारियों को भी दी चेतावनी
शेलके ने मराठी समुदाय के व्यापारियों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि वे अपनी नामपट्टिकाओं में मराठी भाषा को गौण स्थान देते हैं, तो उनके प्रतिष्ठानों का भी बहिष्कार करना चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति स्वयं से इस पहल की शुरुआत करे तो बदलाव लाया जा सकता है।

आर्थिक दबाव से बदलेगा रुख
एमईएस नेता ने कहा कि जब व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होगा, तब वे अपनी गलती समझेंगे और नामपट्टिकाओं में मराठी भाषा को उचित स्थान देंगे। जब तक सभी नामपट्टिकाओं पर मराठी भाषा दिखाई नहीं देती, तब तक यह अभियान जारी रहना चाहिए।
बयान से बढ़ा विवाद
कर्नाटक में प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर कन्नड़ भाषा को प्राथमिकता दिए जाने के बीच मराठी नामपट्टिकाओं के मुद्दे पर व्यापारिक बहिष्कार का आह्वान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। शेलके के बयान को लेकर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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