अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दो दिवसीय आयोजन
200 से अधिक विदुषियों व छात्राओं की भाग लेने की उम्मीद
हुब्बल्ली. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 13 और 14 मार्च को धारवाड़ स्थित कर्नाटक विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ‘साधकी – महिला चिंतन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम कर्नाटक विश्वविद्यालय के कनक अध्ययन पीठ और बेंगलूरु के कर्नाटक लेखिकाओं के संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
संतकवि कनकदास एवं तत्त्वपदकार अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष केटी चिक्कन्ना ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य कनक साहित्य, तत्त्वपद साहित्य, कीर्तन साहित्य और संत-शरणों की परंपरा से जुड़े साहित्य को विद्यार्थियों, विद्वानों और आम लोगों तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में मध्यकालीन काल की उन वचनकार्तियों, कीर्तनकार्तियों और तत्त्वपदकार्तियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्हें साहित्यिक इतिहास में अपेक्षित महत्व नहीं मिला। इस संदर्भ में सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित तीन प्रमुख सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सम्मेलन में वचनकार्तियों में लिंगत्व की अवधारणा, कायक (कर्म) सिद्धांत, कीर्तनकार्तियों का सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण, तत्त्वपदकार्तियों में स्त्री-पुरुष अवधारणा तथा सूफी परंपरा में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों पर दो दिनों तक चर्चा होगी।
इसके अलावा छात्राओं के लिए ‘मुक्त संवाद’ नाम से विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान नाटक और भजन संध्या का भी आयोजन होगा।
आयोजकों के अनुसार इस सम्मेलन में राज्य भर से 200 से अधिक चिंतक, साहित्यकार और विभिन्न कॉलेजों की छात्राएं भाग लेंगी, जिससे महिला चिंतन और साहित्यिक परंपरा पर व्यापक विमर्श को मंच मिलेगा।
