कल्याण कर्नाटक में अब भी क्षेत्रीय असमानता बरकरार

आर्थिक सर्वेक्षण में खुलासा—प्रति व्यक्ति आय में कलबुर्गी सबसे पीछे

नकारात्मक वृद्धि दर्ज करने वाला एकमात्र जिला

कलबुर्गी. कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए केकेआरडीबी के माध्यम से करोड़ों रुपए का अनुदान मिलने के बावजूद क्षेत्रीय असमानता और आर्थिक असंतुलन अब भी बना हुआ है। राज्य सरकार के योजना, कार्यक्रम समन्वय एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण ने इस स्थिति को उजागर किया है।

आंकड़ों के अनुसार 5,74,537 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ बेंगलूरु शहर जिले को छोडक़र बेंगलूरु राजस्व प्रभाग राज्य में पहले स्थान पर है। इसके विपरीत 1,89,938 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ कलबुर्गी राजस्व प्रभाग राज्य में अंतिम स्थान पर है।

4,06,257 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ मैसूरु राजस्व प्रभाग दूसरे और 2,26,213 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ बेलगावी राजस्व प्रभाग तीसरे स्थान पर है। राज्य के 31 जिलों की सूची में अंतिम आठ स्थानों में से छह जिले कलबुर्गी राजस्व प्रभाग के हैं, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

विजयनगर जिला 1,93,230 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ 26वें स्थान पर, बीदर 1,85,079 रुपए के साथ 27वें, कोप्पल 1,81,152 रुपए के साथ 28वें, रायचूर 1,78,888 रुपए के साथ 29वें, यादगीर 1,64,388 रुपए के साथ 30वें और कलबुर्गी 1,44,449 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ राज्य में 31वें स्थान पर है। वहीं खनन और उद्योगों के लिए प्रसिद्ध बल्लारी जिला 3,24,111 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ 11वें स्थान पर है।

कलबुर्गी जिले की स्थिति और भी चिंताजनक है, क्योंकि इसने नकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2023-24 में जिले की प्रति व्यक्ति आय 1,45,377 रुपए थी, जो 2024-25 में 928 रुपए घटकर 1,44,449 रुपए रह गई। 31 जिलों में यह नकारात्मक वृद्धि दर्ज करने वाला एकमात्र जिला बन गया है।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार कलबुर्गी मुख्यत: कृषि आधारित जिला है। मानसून की अनिश्चितता, अधिक वर्षा या सूखे जैसी स्थितियों के कारण जिले की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। पिछले वर्ष की तुलना में कृषि क्षेत्र का योगदान 22.8 प्रतिशत से घटकर 13.1 प्रतिशत रह गया है। साथ ही उद्योगों की कमी के कारण रोजगार की तलाश में लोगों का महाराष्ट्र, गोवा, हैदराबाद और बेंगलूरु की ओर पलायन बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में औद्योगिकीकरण, हरित विकास और सिंचाई परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही इस स्थिति में सुधार संभव है।

……

‘कल्याण कर्नाटक’ जिलों की प्रति व्यक्ति आय (लाख रुपए में)
(स्रोत: कर्नाटक आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26)

जिला — 2022-23 — 2023-24 — 2024-25

बल्लारी — 2.63 — 2.70 — 3.24
विजयनगर — 1.60 — 1.72 — 1.83
बीदर — 1.54 — 1.71 — 1.85
कोप्पल — 1.48 — 1.63 — 1.81
रायचूर — 1.58 — 1.70 — 1.78
यादगीर — 1.41 — 1.49 — 1.64
कलबुर्गी — 1.34 — 1.45 — 1.44

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By Bharat Ki Awaz

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