एसएसएलसी वार्षिक परीक्षा कल सेधारवाड़ के राजीव गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में बुधवार से शुरू होने वाली एसएसएलसी परीक्षा की तैयारियां करते कर्मचारी।

29,568 विद्यार्थी देंगे परीक्षा

धारवाड़ जिले में 105 परीक्षा केंद्र

नकल रोकने के लिए धारा 144 लागू

हुब्बल्ली. धारवाड़ जिले में एसएसएलसी वार्षिक परीक्षा 18 मार्च से 2 अप्रेल 2026 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक होगी।

जिले में कुल 105 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और कुल 29,568 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 26,171 विद्यार्थी पहली बार परीक्षा दे रहे हैं, जबकि 960 बाह्य (प्राइवेट) उम्मीदवार के रूप में पंजीकृत हैं। इसके अलावा 2,295 पुनरावृत्त (रिपीटर) विद्यार्थी तथा 142 बाह्य रिपीटर उम्मीदवार भी परीक्षा में शामिल होंगे।

परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू कर क्षेत्र को निषेधाज्ञा क्षेत्र घोषित किया गया है। परीक्षा के दौरान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित जेरॉक्स दुकानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

जिला स्तर पर निगरानी के लिए शिक्षा विभाग के उप निदेशक (प्रशासन) और उप निदेशक (विकास) को सतर्कता दल का अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही हुब्बल्ली-धारवाड़ पुलिस आयुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक को परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा अवधि के दौरान हेस्कॉम को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया है। वहीं, कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम की ओर से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा जिला पंचायत सभागार में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के स्तर पर वेबकास्टिंग के माध्यम से परीक्षा की निगरानी की जाएगी। शिक्षा विभाग के अनुसार परीक्षा को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *