बागलकोट उपचुनाव: ‘घर वापसी’ रणनीति से सियासत तेजभाजपा।

भाजपा की सक्रियता से कांग्रेस में हलचल

दोनों दलों ने झोंकी ताकत

बागलकोट. कर्नाटक के बागलकोट विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दिवंगत विधायक एच. वाई. मेटी के निधन से रिक्त हुई सीट पर 9 अप्रेल को मतदान होना है। इस बीच भाजपा की ‘घर वापसी’ रणनीति ने कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ा दी है।

उपचुनाव को देखते हुए दोनों दलों ने 15-15 वरिष्ठ नेताओं की चुनाव प्रबंधन समितियां गठित की हैं। भाजपा की ओर से सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री गोविंद करजोल, पूर्व एमएलसी अरुण शहापुर और प्रदेश सचिव शरणु तल्लिकेरी की टीम ने रणनीति तैयार की है। पार्टी 2013 के बाद कांग्रेस में गए नेताओं से संपर्क कर उन्हें वापस लाने की कोशिश में जुटी है।

इस अभियान के तहत भाजपा को शुरुआती सफलता भी मिली है। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष बसवराज कटगेरी को दोबारा पार्टी में शामिल कराया गया है। इसके अलावा कई अन्य नेताओं से भी लगातार संपर्क साधा जा रहा है।

इसी कड़ी में चर्चित चिकित्सक और मेटी के दूर के रिश्तेदार डॉ. देवराज पाटिल के भी भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। वे केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।

वहीं कांग्रेस के सामने अपने नेताओं को एकजुट बनाए रखना चुनौती बन गया है। हालांकि युवा नेता संतोष होक्राणी ने पार्टी छोडऩे की अटकलों को खारिज करते हुए कांग्रेस में बने रहने की बात कही है।

उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की जीत की जिम्मेदारी मंत्री सतीश जारकीहोली और आर.बी. तिम्मापुर को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि दिवंगत मेटी के पुत्र उमेश एच. मेटी को टिकट दिया गया है। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के नेतृत्व में कांग्रेस 23, 28 और 29 मार्च को जोरदार प्रचार अभियान चलाएगी।

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By Bharat Ki Awaz

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