कांग्रेस, भाजपा और बागी उम्मीदवारों से त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
दावणगेरे/बागलकोट. कर्नाटक की दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। सभी प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर शक्ति प्रदर्शन किया, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
दावणगेरे दक्षिण से कांग्रेस उम्मीदवार समार्थ शामनूर ने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पार्टी ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिवंगत नेताओं के परिवार को टिकट देना कांग्रेस की परंपरा रही है, इसी आधार पर समार्थ को उम्मीदवार बनाया गया।
कांग्रेस में बगावत
टिकट नहीं मिलने से नाराज सादिक पहलवान ने बागी तेवर अपनाते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। उन्होंने साफ कहा कि वे चुनाव मैदान से पीछे नहीं हटेंगे। अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन उनके पक्ष में जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लग सकती है।
भाजपा का दमदार प्रवेश
भाजपा उम्मीदवार श्रीनिवास दास करियप्पा ने भी भव्य रैली के साथ नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येडियूरप्पा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। करियप्पा ने जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार क्षेत्र में बदलाव निश्चित है।
बागलकोट में भी हलचल
बागलकोट से कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेटी ने धार्मिक स्थलों पर दर्शन के बाद नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका समर्थन किया।
त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
दावणगेरे दक्षिण में कांग्रेस की अंदरूनी कलह, भाजपा की सक्रियता और बागी उम्मीदवार की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। 9 अप्रेल को होने वाले मतदान और 4 मई को आने वाले नतीजे राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम माने जा रहे हैं।

