जगलूर में पवन-सौर परियोजनाओं से करोड़ों का राजस्व नुकसानजगलूर तालुक के हुच्चव्वनहल्ली में स्थित सौर ऊर्जा उत्पादन इकाई।

कंपनियों पर टैक्स चोरी के आरोप

समन्वय के अभाव में पंचायतों को भारी घाटा

दावणगेरे. जिले के जगलूर तालुक के कसबा होबली (राजस्व केंद्र) क्षेत्र में बड़े पैमाने पर स्थापित पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाएं अब राजस्व नुकसान का कारण बन रही हैं। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी के चलते ग्राम पंचायतों और सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।

टैक्स चोरी की शिकायतों के बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गित्ते माधव विठ्ठलराव ने 9 जनवरी को मुस्तूर, हनुमंतापुर और हिरेमल्लनहोले पंचायत प्रतिनिधियों तथा क्लीन मैक्स कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में कंपनियों को 8 दिनों के भीतर ई-स्वामित्व (ई-खाता) के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।

कर्नाटक ग्राम पंचायत राज कर एवं शुल्क नियम-2025 के तहत हिरेमल्लनहोले पंचायत ने क्लीन मैक्स कंपनी को 20.30 करोड़ रुपए कर भुगतान का नोटिस जारी किया है। हालांकि कंपनी ने नई कर नीति को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है।

स्थानीय पंचायत सदस्य नागराज एच.टी. का आरोप है कि तालुक में सैकड़ों पवन और सौर ऊर्जा इकाइयां बिना नियमों के संचालित हो रही हैं। करीब 1,000 एकड़ भूमि पर सौर परियोजनाएं हैं, लेकिन केवल 300 एकड़ का ही विधिवत भूमि परिवर्तन हुआ है। वर्षों से ई-खाता नहीं बनाकर करोड़ों का कर नहीं चुकाया गया है।

हिरेमल्लनहोले और मुस्तूर पंचायत क्षेत्रों में 1,000 एकड़ से अधिक भूमि पर क्लीन मैक्स कंपनी का सौर संयंत्र स्थापित है, जो पावगढ़ के बाद राज्य का दूसरा सबसे बड़ा सौर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसके अलावा तालुक में 200 से अधिक पवन ऊर्जा इकाइयां भी स्थापित की गई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह राजस्व नुकसान और बढ़ेगा। पंचायतों ने सरकार से सख्त कदम उठाने और कर वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है।

पंचायत विकास अधिकारी कोट्रेश ने बताया कि 26 पवन ऊर्जा इकाइयों के लिए अब तक ई-खाता नहीं बनाया गया है और भूमि परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज भी जमा नहीं किए गए हैं।

सीईओ गित्ते माधव विठ्ठलराव ने कहा कि केवल हिरेमल्लनहोले पंचायत में ही कंपनी पर 20 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व बकाया है। किसी भी अदालत से स्थगन आदेश नहीं है, इसलिए 31 मार्च तक भुगतान करने के निर्देश दिए जाएंगे।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *