नवपद साधना आत्मशुद्धि और मोक्ष का शाश्वत मार्ग
हुब्बल्ली. जैनाचार्य विमलसागर सूरीश्वर ने कहा कि जैन परंपरा में नवपद की साधना किसी व्यक्ति या शक्ति विशेष की पूजा नहीं, बल्कि गुणों और आध्यात्मिक उपलब्धियों की आराधना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवपद साधना पूर्णत: आत्मिक साधना है, जिसमें राग-द्वेष, क्रोध, अभिमान, माया, लोभ और अज्ञान जैसे सभी दोषों से मुक्त आत्मा को ही अरिहंत और सिद्ध के रूप में स्वीकार किया जाता है।
जैन मरुधर संघ में नवपद साधना पर्व के प्रथम दिन आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य ने कहा कि अरिहंत और सिद्ध आत्माएं जन्म-मरण के चक्र से परे होती हैं और जैन दर्शन में इन्हें ही भगवान का स्थान प्राप्त है। यहां देवी-देवताओं या गुरुजनों को भगवान नहीं माना जाता, बल्कि आत्मा की शुद्धता और उसके गुण ही सर्वोपरि हैं।
आचार्य ने कहा कि नवपद साधना पर्व वर्ष में दो बार—चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है, जिसे धर्मशास्त्रों में पर्युषण से भी विशिष्ट बताया गया है। इस दौरान आयंबिल तप का विशेष महत्व होता है, जिसमें डेयरी उत्पाद, फल, सब्जियां और मसालों का त्याग कर दिन में एक बार सादा भोजन किया जाता है। यह तप मनोवृत्तियों के नियंत्रण और रस परित्याग की कठिन साधना है, जिसे ध्यान, कायोत्सर्ग और मंत्रजाप के साथ करना होता है।
आचार्य विमलसागर सूरीश्वर ने कहा कि कोई भी आत्मा नवपद साधना के बिना अरिहंत या सिद्ध नहीं बन सकती। आत्मकल्याण का शाश्वत मार्ग नवपद ही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैन परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, पवनपुत्र हनुमान और युधिष्ठिर सहित पांचों पांडवों को सिद्ध भगवान के रूप में माना जाता है।
संघ के मंत्री दिनेश संघवी ने जानकारी दी कि इस वर्ष आचार्य की प्रेरणा से हुब्बल्ली में धर्मसाधना का विशेष वातावरण बना है, जिसमें बाल, युवा और वृद्ध सभी वर्गों के लोग बड़ी संख्या में नवपद ओली की साधना से जुड़ रहे हैं।
गणि पद्मविमलसागर ने कहा कि बुधवार को आचार्य के सान्निध्य में शहर के 55 कन्या, युवा और महिला संगठनों की संयुक्त चिंतन सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर अनुशासन, निष्ठा, कर्तव्यबोध, समय प्रबंधन और सामूहिक प्रयास जैसे विषयों पर गहन मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

