पुरातत्व विभाग से एनओसी के बाद 9 करोड़ की भूमि अधिग्रहण योजना
प्रभावितों को मुआवजा देने का आश्वासन
हुब्बल्ली. जिलाधिकारी स्नेहल आर. ने कहा कि उणकल स्थित प्राचीन चंद्रमौलेश्वर मंदिर के विकास का मार्ग अब साफ हो गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद मंदिर के आसपास स्थित 33 घरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मंदिर परिसर का बुधवार को निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी स्नेहल ने कहा कि पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर को संरक्षित स्मारक घोषित किया है। नियमानुसार इसके आसपास किसी प्रकार का निर्माण नहीं होना चाहिए, इसलिए आसपास के घरों को हटाया जाएगा और सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि मंदिर का वर्तमान क्षेत्रफल लगभग 1,271 वर्ग मीटर है, जबकि कुल 3,901 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए करीब 9 करोड़ रुपए का प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और प्रशासन इस कार्य को प्राथमिकता से पूरा करेगा।
इस दौरान जिलाधिकारी ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कथित कमी की खबरों को भी खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में रोजाना लगभग 10 हजार घरेलू गैस सिलेंडर और 800 वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है। पिछले कुछ दिनों में वितरण में हुई देरी को जल्द ही सामान्य कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जहां सामान्यत: 60 से 65 केएल ईंधन की बिक्री होती थी, वहीं पिछले तीन-चार दिनों में यह बढक़र 110 केएल तक पहुंच गई है, जिससे अस्थायी दबाव बना है।
निरीक्षण के दौरान हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम आयुक्त डॉ. रुद्रेश घाली, अतिरिक्त आयुक्त विजयकुमार, तहसीलदार महेश गस्ते सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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