हुब्बल्ली उप-कारागार में सख्तीहुब्बल्ली उप-कारागार।

‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ मामले के बाद तीन-स्तरीय निगरानी लागू

निषिद्ध वस्तुओं पर रोक

सीसीटीवी और सघन जांच से अवैध गतिविधियों पर कड़ा शिकंजा

हुब्बल्ली. राज्य की विभिन्न जेलों में लगातार सामने आ रही अवैध गतिविधियों और हाल ही में सामने आए ‘कैदियों को राजातिथ्य’ (वीआईपी ट्रीटमेंट) प्रकरण के बाद हुब्बल्ली उप-कारागार प्रशासन सतर्क हो गया है। जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं की आवाजाही रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अब तीन-स्तरीय कड़ी निगरानी प्रणाली लागू की गई है।

पहले कैदियों से मिलने आने वाले लोगों की केवल एक बार जांच की जाती थी, जिससे गांजा, मोबाइल, सिगरेट, गुटखा जैसी निषिद्ध वस्तुएं आसानी से जेल के भीतर पहुंच जाती थीं। लेकिन अब इस पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से तीन चरणों में सघन जांच की जा रही है।

कैसे हो रही है तीन स्तरीय जांच

जेल के मुख्य द्वार पर 2-3 सुरक्षाकर्मी आने-जाने वालों की पहली जांच करते हैं। इसके बाद आंतरिक प्रवेश द्वार पर दोबारा सघन तलाशी ली जाती है। तीसरे चरण में, कैदियों को मिलने के बाद जब वे सामान लेकर अंदर जाते हैं, तब एक बार फिर उनकी जांच की जाती है। इस व्यवस्था से अवैध वस्तुओं की सप्लाई पर काफी हद तक रोक लगी है।

इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो गई है।

सीसीटीवी और गश्त से चौकसी बढ़ी

हाल ही में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जेल की दीवार के ऊपर से प्रतिबंधित वस्तुएं फेंकने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद अशोकनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके चलते जेल परिसर में सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी गई है। वर्तमान में 22 कैमरे सक्रिय हैं और संदिग्ध स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही, सुरक्षा गश्त को भी सुदृढ़ किया गया है।

कैदियों के सुधार पर भी जोर

सुरक्षा के साथ-साथ कैदियों के पुनर्वास और मानसिक सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 140 से अधिक विचाराधीन कैदियों के लिए योग, ध्यान, राष्ट्रगान, सांस्कृतिक गतिविधियां और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नशामुक्ति के लिए विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएं भी संचालित की जा रही हैं। साथ ही स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कैदियों की चिकित्सा जांच और उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि इन सख्त कदमों से जेल के भीतर अनुशासन कायम करने के साथ-साथ कैदियों के सुधार और पुनर्वास को भी गति मिलेगी।

पहले से अधिक मजबूत हुई सुरक्षा व्यवस्था

जेल में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए तीन-स्तरीय जांच, सीसीटीवी निगरानी और सख्त गश्त व्यवस्था लागू की गई है। इससे प्रतिबंधित वस्तुओं की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगी है और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है।
शाबुद्दीन कालेखान, अधीक्षक, हुब्बल्ली उप-कारागार

 

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