फर्जी बिल बनाकर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
बीडर. कर्नाटक पशु चिकित्सा, पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय में वर्ष 2017-18 के दौरान हुए कथित 45 करोड़ रुपए के घोटाले में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एच.डी. नारायणस्वामी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
लोकायुक्त की टीम ने सोमवार रात छापेमारी कर पूर्व कुलपति डॉ. नारायणस्वामी, तत्कालीन वित्त नियंत्रक के.एल. सुरेश, प्रथम श्रेणी सहायक (एफडीए) मृत्युंजय हिरेमठ, बेंगलूरु एंटरप्राइजेज के मालिक बोपन्ना, मंजुनाथ तथा धनराशि निकालने में सहयोग करने वाले रामगोंड को हिरासत में लिया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, विश्वविद्यालय में विभिन्न खरीद के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर करोड़ों रुपए का गबन किया गया। आरोप है कि विश्वविद्यालय के कर्मचारी और निजी फर्मों के संचालकों ने मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया और अवैध रूप से राशि का हस्तांतरण कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया।
लोकायुक्त पुलिस लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों और बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकाले गए। मामले में अदालत ने भी वारंट जारी किया था, जिसके बाद पुलिस ने बीदर और बेंगलूरु में एक साथ कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
राज्य के एकमात्र पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में सामने आए इस घोटाले ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकायुक्त अब वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और खरीद प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है।
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