जैन मुनियों की सुरक्षा को लेकर उठी आवाजजैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से विशेष व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते जैन समाज के बंधु।

सड़क हादसों में मौतों पर चिंता, सुरक्षित पदयात्रा के लिए केंद्र सरकार से ठोस कदमों की मांग

हुब्बल्ली। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर पदयात्रा के दौरान जैन मुनियों और साध्वियों की सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए हुब्बल्ली के विभिन्न जैन संगठनों ने एकजुट होकर विशाल रैली निकाली और प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा। रैली में जैन समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर संतों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

यह रैली पूज्य गुरुदेव चंद्रभूषण सूरीश्वरजी महाराज साहब आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में आयोजित की गई। शांतिनाथ जैन मंदिर से तहसीलदार कार्यालय तक निकाली गई रैली के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। भारत के राष्ट्रपति, केंद्रीय गृह मंत्री तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से विशेष व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

शांतिनाथ जैन मंदिर से तहसीलदार कार्यालय तक एक रैली निकाली गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन धर्म के साधु-साध्वी अहिंसा, त्याग और तपस्या के सिद्धांतों का पालन करते हुए जीवनभर पैदल यात्रा करते हैं और किसी भी प्रकार के यांत्रिक वाहन का उपयोग नहीं करते। ऐसे में तेज रफ्तार यातायात और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण वे अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

ज्ञापन में मांग की गई है कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर जैन मुनियों तथा अन्य पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और समर्पित पैदल यात्री कॉरिडोर विकसित किए जाएं। इसके साथ ही राजमार्गों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक सतर्क रहें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। समाज ने ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में विशेष जागरूकता प्रशिक्षण शामिल करने तथा कम दृश्यता वाले समय में रिफ्लेक्टिव जैकेट, टॉर्च और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

जैन समाज ने हाल की दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग भी उठाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रत्येक दुर्घटना की फोरेंसिक जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए तथा दोषी वाहन चालकों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई कर मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में कराई जाए। साथ ही सुबह और शाम के समय, जब अधिकांश जैन मुनि पदयात्रा करते हैं, राजमार्गों पर विशेष पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की गई है।

जैन समाज का कहना है कि संत और मुनि समाज को नैतिक एवं आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की नैतिक तथा संवैधानिक जिम्मेदारी है। समाज ने केंद्र और राज्य सरकारों से इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

इस अवसर पर विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें जयंतीलाल परमार (अध्यक्ष, श्री जैन मारुधर संघ, हुब्बल्ली), उकचंद बाफना (अध्यक्ष, स्थानकवासी समाज, हुब्बल्ली), राजेंद्र बिलगी (अध्यक्ष, दिगंबर जैन समाज, हुब्बल्ली), शरद मोमाया (अध्यक्ष, श्री कच्छी दशा ओसवाल जैन संघ, हुब्बल्ली), कांतिलाल जैन (केश्वापुर जैन संघ, हुब्बल्ली), शांतिलाल जैन (वासुपूज्य जैन संघ, हुब्बल्ली) तथा महेंद्र सिंघी (सदस्य, प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम, कर्नाटक सरकार) प्रमुख रूप से शामिल थे।

इसके अलावा अमृत पोरवाल, विमल तालीकोटी, संतोष पाटिल सहित समाज के अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। रैली के सफल आयोजन में कोर कमेटी के सदस्य ललित जैन, संतोष डुमावत, शैलेश जैन, निलेश जैन, विमल मंडोत, अमित जैन, तरुण जैन, विमल जैन, धर्मेंद्र जैन, जितेंद्र जैन और सुभाष डांक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

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By Bharat Ki Awaz

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