-केपीसीसी अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हुए सतीश जारकीहोली बोले
बेलगावी. राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, केपीसीसी अध्यक्ष पद के चयन और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने हुक्केरी में महत्वपूर्ण बयान दिया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जारकीहोली ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान के “एक व्यक्ति, एक पद” सिद्धांत को मंजूरी मिल गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी केपीसीसी अध्यक्ष बनने की इच्छा थी, लेकिन मंत्री पद पर होने के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि हाईकमान के निर्णय के अनुसार वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद के नेतृत्व में सभी नेता मिलकर काम करेंगे।
महीने के अंत तक मंत्रिमंडल विस्तार संभव
सतीश जारकीहोली ने संकेत दिया कि इसी महीने के अंत तक मंत्रिमंडल के दूसरे चरण का विस्तार हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार में अभी कई मंत्री पद खाली हैं और इतने पदों को रिक्त रखकर प्रशासन चलाना कठिन है। हाईकमान जल्द ही इस पर निर्णय लेगा।
लक्ष्मी हेब्बालकर के पक्ष में बयान
उन्होंने कहा कि बेलगावी जिले में कई वरिष्ठ विधायक हैं और जिले को कम से कम एक-दो मंत्री पद मिलने की उम्मीद है। पिछले कार्यकाल में जिले को महिला मंत्री का प्रतिनिधित्व मिला था और इस बार भी महिला को मौका मिलना चाहिए। इसे पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
2028 चुनाव और मुख्यमंत्री पद पर प्रतिक्रिया
डी.के. शिवकुमार के 2028 चुनाव में नेतृत्व संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जारकीहोली ने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य 2028 में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाना है। मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका निर्णय विधायक दल और हाईकमान उचित समय पर करेंगे।
फर्जी संदेश पर नाराजगी
अपने नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित फर्जी संदेश पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उस संदेश का “न कोई वारिस है, न कोई माता-पिता।” इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है और उन्होंने मीडिया से ऐसे आधारहीन संदेशों को अधिक महत्व न देने की अपील की।
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