चार वर्ष से अधिक आयु के लिए हेलमेट अनिवार्यअभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के बारे में जागरूक करते हुए पुलिस कर्मी।

स्कूल खुलते ही बच्चों की सुरक्षा पर जोर

मेंगलूरु पुलिस चला रही जागरूकता अभियान

अभिभावकों को अदालत के निर्देशों की दिलाई जा रही याद

मेंगलूरु. स्कूलों के शुरू होने के साथ ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक बार फिर जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए दोपहिया वाहन पर यात्रा करते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इसी नियम के प्रति अभिभावकों को जागरूक करने के लिए यातायात पुलिस सुबह-सुबह विभिन्न स्कूलों के बाहर पहुंचकर लोगों को समझा रही है।

स्कूल खुलने के कारण बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को दोपहिया वाहनों से स्कूल छोडऩे और लाने का कार्य कर रहे हैं। पुलिस उन्हें उच्च न्यायालय के निर्देशों की जानकारी देकर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह कर रही है।

बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही चिंता का विषय

अक्सर देखा जाता है कि अभिभावक स्वयं तो हेलमेट पहनते हैं, लेकिन बच्चों को बिना हेलमेट के ही वाहन पर बैठाकर ले जाते हैं। यातायात पुलिस का कहना है कि बच्चा आगे बैठा हो या पीछे, दुर्घटना या संतुलन बिगडऩे की स्थिति में सिर में गंभीर चोट लगने का खतरा अधिक रहता है। केवल स्कूल पास में होने या कम दूरी की यात्रा का तर्क देकर हेलमेट की अनदेखी करना खतरनाक साबित हो सकता है।

छोटी उम्र से ही यातायात अनुशासन जरूरी

पुलिस का कहना है कि हेलमेट पहनना केवल जुर्माने से बचने का उपाय नहीं, बल्कि दुर्घटना के समय जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण सुरक्षा साधन है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों में बचपन से ही यातायात नियमों के पालन की आदत विकसित करें।

चार वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी सुरक्षा जरूरी

चार वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए हेलमेट अनिवार्य नहीं है, लेकिन उनके लिए भी विशेष सुरक्षा उपाय अपनाना आवश्यक है। पुलिस के अनुसार, चाइल्ड सेफ्टी बेल्ट के माध्यम से बच्चे को चालक या पीछे बैठे व्यक्ति के शरीर से सुरक्षित रूप से बांधने से गिरने की आशंका कम हो जाती है। अदालत ने भी ऐसे सुरक्षा उपायों का पालन करने पर जोर दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की आवश्यकता

कुछ माह पहले भी पुलिस ने शहर के स्कूलों के बाहर अभियान चलाया था, लेकिन अब भी लगभग 80 प्रतिशत प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों पर यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं। शहरों में जहां अधिकांश अभिभावक स्वयं हेलमेट पहनते हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार अभिभावक भी हेलमेट का उपयोग नहीं करते। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

यातायात पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा किसी कानूनी बाध्यता से अधिक एक जिम्मेदारी है और अभिभावकों की छोटी-सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है।

हेलमेट से जुड़े प्रमुख नियम

चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य।
बच्चे के सिर के आकार के अनुरूप हेलमेट का उपयोग आवश्यक।
दुर्घटना की स्थिति में सिर की गंभीर चोटों से सुरक्षा मिलती है।
नियमों का उल्लंघन करने पर 500 से 1,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने का भी प्रावधान है।
स्कूल नजदीक होने पर भी सुरक्षा नियमों से छूट नहीं मिलती।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *