शहीद दिवस पर 1921 के शराबबंदी आंदोलन के तीन अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि
धारवाड़. शहर में शहीद दिवस के अवसर पर बुधवार को जकणीबावी रोड स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्नेहल आर. ने कहा कि समाज के कल्याण के लिए अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके त्याग और बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 1921 को शराब बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर चले स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मल्लिक साब मरदानसाब, गौसुसाब खादर साब और अब्दुल गफार चौकताई पुलिस की गोलीबारी में शहीद हो गए थे। इन महान बलिदानियों ने अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर समाज के हित को रखा और उनका जीवन आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
बलिदान का संदेश सदैव प्रेरणादायी
प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी अनुप्रिया साक्या ने कहा कि मद्य (शराब बिक्री) निषेध आंदोलन के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों का बलिदान नशामुक्त समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है।
कनिष्ठ अधिवक्ता बसवप्रभु होसकेरी ने कहा कि शहीद दिवस का उद्देश्य इन वीरों के संघर्ष और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढिय़ां उनके त्याग से प्रेरणा ले सकें।
कार्यक्रम में कर्नाटक विद्यावर्धक संघ के कार्याध्यक्ष शंकर हलगत्ती, प्रधान सचिव रवींद्र आकलवाड़ी, धारवाड़ वाणिज्य एवं उद्योग संघ के सचिव संगमेश्वरय्या लिंबेण्णदेवरमठ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। श्रद्धांजलि सभा में शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
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