कंप्ली क्षेत्र में नदी का जलस्तर घटा
किसानों और मछुआरों के सामने आजीविका का संकट
पेयजल पर भी मंडराया खतरा
पानी के अभाव में सूखने लगी धान की फसल
कंप्ली (विजयनगर)। मानसून के बीच ही तुंगभद्रा नदी के कई हिस्सों में जलस्तर घटने से विजयनगर जिले के कंप्ली क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल संकट गहरा गया है। तालुक के इटिगी गांव के पास नदी का अधिकांश हिस्सा सूख जाने से धान की खेती, मत्स्य व्यवसाय और पशुपालन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
करीब 15 दिन पहले नदी के पानी पर भरोसा कर सैकड़ों किसानों ने धान की रोपाई की थी, लेकिन समय पर पानी नहीं मिलने और बारिश भी साथ नहीं देने से फसल सूखने लगी है।
किसान के. मुत्तुराज ने बताया कि उन्होंने प्रति एकड़ करीब 15 हजार रुपए खर्च कर धान लगाया है। यदि अगले दो दिनों में सिंचाई नहीं हुई तो पूरी फसल नष्ट होने का खतरा है।
किसान नरसप्पा ने बताया कि उन्होंने तीन-चौथाई एकड़ में धान लगाया है। पिछले नौ दिनों से पंपसेट के जरिए नदी में बचे पानी से सिंचाई करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार बिजली कटौती के कारण फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
किसान कोट्टूर रमेश ने कहा कि एक सप्ताह से नदी में पानी की कमी के कारण खेतों में दरारें पडऩे लगी हैं।
मछुआरों और पेयजल पर भी असर
नदी के सूखने से बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं, जिससे दुर्गंध फैल गई है। मछुआरे टी. जडेप्पा, एम. यल्लप्पा और नागराज ने कहा कि उनकी आजीविका पूरी तरह मत्स्य पालन पर निर्भर है और नदी सूखने से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी के किनारे स्थित सैकड़ों बोरवेलों का जलस्तर भी गिर गया है। कई गांवों में नदी से पंप कर पेयजल आपूर्ति की जाती है, लेकिन अब जल उपलब्ध नहीं होने से पीने के पानी का संकट भी गहराने लगा है। किसान अब अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
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