बीदर में ममता का पालना योजना शुरूबीदर में ममता का पालना योजना का उद्घाटन करतीं जिलाधिकारी शिल्पा शर्मा।

हर नवजात को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

डीसी शिल्पा शर्मा ने सरकारी अस्पतालों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर पालने लगाने की घोषणा की

बीदर। जिले में परित्यक्त नवजात शिशुओं की सुरक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से ममता का पालना योजना का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी (डीसी) शिल्पा शर्मा ने घोषणा की कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर शीघ्र ही ममता के पालने स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसी भी नवजात को असुरक्षित परिस्थितियों में छोडऩे की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

कार्यक्रम का आयोजन बाल संरक्षण निदेशालय, जिला प्रशासन, जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ब्रिम्स अस्पताल, हीरेमठ संस्थान विद्यापीठ पीठ ट्रस्ट के विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

जिलाधिकारी शिल्पा शर्मा ने कहा कि नवजात शिशुओं को लावारिस छोडऩा अमानवीय कृत्य है। प्रत्येक बच्चे को जीवन और सुरक्षित पारिवारिक वातावरण का अधिकार है। ममता का पालना योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को संरक्षण देकर उन्हें दत्तक ग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से परिवार उपलब्ध कराना है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी शारदा एन. कलमलकर ने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर एक सप्ताह के भीतर सभी तालुक अस्पतालों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर ममता के पालने स्थापित किए जाएंगे। अब तक दत्तक ग्रहण के नियमों के तहत 107 बच्चों को परिवार उपलब्ध कराया जा चुका है।

कार्यक्रम में भालकी हीरेमठ संस्थान विद्यापीठ ट्रस्ट के पीठाध्यक्ष गुरुबसव पट्टदेवरु, ब्रिम्स की निदेशक डॉ. शांतला कौजलगी, डॉ. शिवयोगी बाली, डॉ. अहमद ओडिन, डॉ. उमा देशमुख, डॉ. संजू कुमार बिरादार, बाल कल्याण समिति की सदस्य महानंदा देवी सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

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