वाल्मीकि निगम प्रकरण में पद गंवाने के बाद फिर मिली जिम्मेदारी
अब संयुक्त बल्लारी-विजयनगर की कमान मिलने की चर्चा
बल्लारी। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के मंत्रिमंडल विस्तार में बल्लारी ग्रामीण से कांग्रेस विधायक बी. नागेंद्र को दूसरी बार मंत्री बनाए जाने के साथ ही जिले में लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। वाल्मीकि विकास निगम धन दुरुपयोग प्रकरण के आरोपों के चलते वर्ष 2024 में मंत्री पद छोडऩे वाले नागेंद्र ने एक बार फिर सत्ता में वापसी की है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आलाकमान ने जताया भरोसा
मंत्रिमंडल में स्थान पाने की दौड़ में बल्लारी शहर के विधायक नारा भरत रेड्डी, कंपली विधायक जे.एन. गणेश तथा संडूर विधायक अन्नपूर्णा के नाम भी चर्चा में थे। समर्थकों ने कई स्थानों पर प्रदर्शन कर अपने-अपने नेताओं के पक्ष में माहौल बनाया, लेकिन अंतत: कांग्रेस आलाकमान ने अनुभव और राजनीतिक प्रभाव को प्राथमिकता देते हुए बी. नागेंद्र को ही मंत्री पद सौंपा।
कांग्रेस नेतृत्व ने एक बार फिर बी. नागेंद्र के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पर भरोसा जताया है।
अब जिला प्रभारी मंत्री बनने की अटकलें
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बी. नागेंद्र को बल्लारी और विजयनगर दोनों जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया जा सकता है। संयुक्त क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति बहुल विधानसभा क्षेत्रों और आगामी स्थानीय निकाय तथा विधानसभा चुनावों को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
चार बार के विधायक, लंबा राजनीतिक अनुभव
15 सितंबर 1971 को जन्मे बी. नागेंद्र ने 1999 में राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष 2008 में भाजपा से, 2013 में निर्दलीय और 2018 व 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर वे चार बार विधायक बने। 2023 में पहली बार मंत्री बने, लेकिन वाल्मीकि निगम प्रकरण के बाद पद छोडऩा पड़ा। अब दूसरी बार मंत्री बनकर उन्होंने राजनीतिक वापसी का महत्वपूर्ण अध्याय लिख दिया।
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