पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई
मुख्य आरोपी राजु के पैर में लगी गोली, पीएसआइ तेजस्वी भी घायल
उडुपी। जिले के कापू तालुक के मुदरंगडी में शुक्रवार शाम को दिनदहाड़े हुए उद्योगपति एवं कांग्रेस नेता डेविड डी’सूजा (55) की हत्या के मामले में उडुपी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को पकडऩे के दौरान पुलिस पर फायरिंग की गई। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश के राजु (42) के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ में कापू थाने के पीएसआइ तेजस्वी भी घायल हुए हैं।
कार्यालय से निकलते ही सिर में मारी गोली
मुदरंगडी-पिलारखान स्थित प्रिंस एंटरप्राइजेज से काम खत्म कर डेविड डी’सूजा अपनी कार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे बदमाशों में से एक ने बेहद करीब से उनके सिर पर गोली चला दी। जमीन पर गिरने के बाद भी आरोपियों ने उन पर दो और गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल डेविड को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
घटना का पूरा घटनाक्रम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ, जो पुलिस जांच में अहम सुराग साबित हुआ।
बस से भाग रहे थे आरोपी
हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान तीनों आरोपियों के बस से भटकल की ओर भागने की जानकारी मिली। पुलिस ने बयंदूर के ओत्तिनेणे के पास बस रोककर तलाशी ली। पुलिस को देखते ही तीनों आरोपी उतरकर भागने लगे।
पुलिस के अनुसार, राजु ने कापू थाने के पीएसआइ तेजस्वी को धक्का देकर 9 एमएम पिस्तौल से पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें राजु के पैर में गोली लगी। उसके पास से पिस्तौल बरामद की गई।
कुमटा और भटकल से भी गिरफ्तारी
राजु के अलावा उत्तराखंड निवासी अजय रस्तोगी उर्फ अनमोल (23) को कुमटा से तथा बिहार निवासी जियाहुल वजूल शेख उर्फ दीपक (38) को भटकल से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी एरमाल से बरामद कर ली है।
घायल पीएसआइ तेजस्वी और आरोपी राजु दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

सुपारी देकर हत्या का संदेह
उडुपी जिला पुलिस अधीक्षक हरिराम शंकर ने बताया कि डेविड डी’सूजा के निर्माण कार्य से जुड़े एक बाहरी राज्य की कंपनी के साथ वित्तीय विवाद को हत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। इसी विवाद के चलते सुपारी देकर हत्या कराए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क, सुपारी देने वालों, आर्थिक मदद करने वालों और आरोपियों को शरण देने वालों की पहचान के लिए जांच जारी है।
जिला पुलिस उपाधीक्षक बेल्लियप्पा के नेतृत्व में कापू, कार्कल ग्रामीण, बयंदूर, कुंदापुर, भटकल और कुमटा पुलिस के साथ अपराध जांच दल, फोरेंसिक विशेषज्ञ, श्वान दल तथा सीडीआर सेल ने संयुक्त अभियान चलाया। घटना के 24 घंटे के भीतर तीन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस की कार्रवाई की सराहना हो रही है।
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