बाजार में गंदगी और दुर्गंध से बेहाल श्रद्धालुओं का शहरश्रृंगेरी के शारदा नगर साप्ताहिक बाजार में भवन के बाहर सडक़ पर ही व्यापार करते व्यापारी।

श्रृंगेरी के शारदा नगर साप्ताहिक बाजार में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

300 से अधिक व्यापारी, फिर भी व्यवस्था बदहाल

श्रृंगेरी (चिक्कमगलूरु)। धार्मिक नगरी श्रृंगेरी के शारदा नगर स्थित साप्ताहिक बाजार और मछली बाजार में बुनियादी सुविधाओं की कमी, गंदगी और दुर्गंध के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न तालुकों से 300 से अधिक व्यापारी पहुंचते हैं। इसके बावजूद बाजार की व्यवस्थाएं लंबे समय से बदहाल होने का आरोप है।

बाजार में सब्जियां, अनाज, फल, घरेलू सामान और हस्तशिल्प समेत विभिन्न वस्तुओं की बिक्री होती है। स्थानीय व्यापारी भी दुकानें लगाते हैं। इससे नगर पंचायत को अच्छी आय होती है, लेकिन बाजार की बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

23 साल पुरानी इमारत, बढ़ता कारोबार

सरकार के विशेष अनुदान से करीब 23 वर्ष पहले निर्मित बाजार भवन अब मौजूदा कारोबार के लिए पर्याप्त नहीं है। मजबूरन व्यापारी सडक़ किनारे अस्थायी दुकानें लगाकर कारोबार कर रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।

बाजार के पास स्थित नाली कचरे से भर गई है और दुर्गंध फैला रही है। बारिश के दौरान नाली का गंदा पानी सडक़ पर बहने से लोगों को परेशानी होती है। बाजार परिसर में आवारा श्वानों और मवेशियों के घूमने से भी स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

मछली बाजार से उठ रही दुर्गंध

बाजार के पास मिनी बस स्टैंड के शौचालय का भी उचित रखरखाव नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है। मछली बाजार में मछली के कचरे का उचित निस्तारण नहीं होने से आसपास का क्षेत्र बदबू से परेशान है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बॉक्स नाला भारी वाहन के गुजरने से क्षतिग्रस्त होकर गड्ढे में तब्दील हो गया है। इसी स्थान पर मछली का कचरा जमा होने से स्थिति और खराब हो गई है।

घरों तक पहुंच रहा मछली का कचरा

बाजार में मौजूद पुराने सात स्टॉल व्यापार के लिए पर्याप्त नहीं हैं। व्यापारी खुले में सामान रखने को मजबूर हैं, जिससे गंदगी बढ़ रही है। कुछ लोग दुकानों के सामने मछलियां सुखाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कौवे मछलियों के टुकड़े आसपास के घरों के आंगन और कुओं में फेंक देते हैं।

कभी शहर के बाहरी हिस्से में स्थित मछली बाजार अब घनी आबादी के बीच आ गया है। इसके सामने ही इंदिरा कैंटीन, डाकघर, सामुदायिक भवन और आंगनवाड़ी केंद्र हैं। दुर्गंध के कारण यहां आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल मरम्मत ही नहीं, बल्कि बाजार की स्थायी जल निकासी, कचरा निस्तारण, मछली बाजार की स्वच्छता और पर्याप्त दुकानों की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए।

ज्ञापन के बावजूद कार्रवाई नहीं

पर्यावरण जागरूकता मंच के अध्यक्ष कलकुली वि_ल हेगड़े ने आरोप लगाया कि बाजार क्षेत्र में स्वच्छता का अभाव है। बाजार के लिए निर्धारित भवन का विस्तार कर ग्राहकों को बेहतर सुविधा देनी चाहिए। इन समस्याओं के समाधान के लिए नगर पंचायत, जिलाधिकारी और पर्यावरण नियंत्रण विभाग को ज्ञापन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कुछ ही दिनों में दूर होगी समस्या

नगर पंचायत के प्रशासनिक अधिकारी एवं तहसीलदार अनूप संजोग ने कहा कि शारदा नगर के साप्ताहिक बाजार भवन और शौचालय की मरम्मत का काम चल रहा है। कुछ ही दिनों में समस्या का समाधान हो जाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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