तीर्थहल्ली में अवैध शराब का कारोबार बेखौफतीर्थहल्ली में अवैध शराब का कारोबार बेखौफ

गांव-गांव में धड़ल्ले से बिक्री का आरोप

एमआरपी से अधिक वसूली पर भी सवाल

तीर्थहल्ली (शिवमोग्गा)। शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली तालुक में कथित तौर पर गांव-गांव अवैध शराब की बिक्री का कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसकी जानकारी होने के बावजूद आबकारी और पुलिस विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक समस्याएं बढऩे के साथ परिवारों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

247 गांवों में कारोबार का आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, तालुक के 247 गांवों और करीब 400 मजरों में अवैध शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। आरोप है कि मांग के अनुसार शराब पेटियों में पहुंचाई जा रही है। शराब की आसान उपलब्धता से युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है और कई परिवार आर्थिक तथा सामाजिक संकट से जूझ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि शराब के कारण वैवाहिक और पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं तथा गांवों की शांति भी प्रभावित हो रही है।

एमआरपी से अधिक कीमत वसूली का आरोप

ग्राहकों ने आरोप लगाया कि अधिकृत दुकानों और बार-रेस्तरां में भी शराब की बोतलों पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक राशि वसूली जा रही है। कई जगह खरीद का बिल भी नहीं दिया जाता। एक बोतल पर करीब 25 रुपए अतिरिक्त लेने की शिकायतें सामने आई हैं।

प्रभावशाली लोगों के संरक्षण का आरोप

स्थानीय लोगों ने अवैध शराब कारोबार में प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है। कुछ मामलों में कार्रवाई होने के बावजूद आरोपी जल्द बाहर आ जाते हैं। महिलाओं की ओर से भी अपेक्षित विरोध प्रदर्शन नहीं होने पर चिंता जताई गई है।

कानून में कड़े प्रावधान

कर्नाटक आबकारी अधिनियम, 1965 के तहत बिना अनुमति शराब बनाने, बेचने और रखने पर धारा 32 में तीन वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। नकली शराब के मामलों में धारा 32(ए) के तहत कड़ी सजा हो सकती है। वहीं अवैध भंडारण और परिवहन के लिए भी अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई का प्रावधान है।

जनप्रतिनिधि ने जांच की मांग की

सार्वजनिक लेखा समिति के अध्यक्ष एवं विधायक आरग ज्ञानेंद्र ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा कथित रूप से नियमित राशि लिए जाने के कारण अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। समिति ने मामले की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं।

नालूर ग्राम पंचायत के पूर्व सदस्य बिलिचिकट्टे श्रीकांत ने कहा कि गांवों में अवैध शराब की बिक्री बढऩे के पीछे सरकारी संरक्षण जिम्मेदार है।

तीर्थहल्ली आबकारी विभाग के निरीक्षक अरुण ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री संबंधी शिकायतों पर जानकारी जुटाकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विभाग प्रतिदिन अभियान चला रहा है और एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के मामलों में भी कार्रवाई की गई है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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