बाहर से आए श्रमिकों में 23 मामले
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी दल बनाया
मेंगलूरु। दक्षिण कन्नड़ जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच मलेरिया के मामलों में वृद्धि स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है। पिछले दो महीनों में जिले में 30 मलेरिया मामले सामने आए हैं, जिनमें 23 मरीज दूसरे जिलों या राज्यों से आए हुए हैं। सर्वाधिक मामले मेंगलूरु शहर क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं।
बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों पर नजर
बिहार, ओडिशा और झारखंड सहित कुछ राज्यों में मलेरिया के मामले पाए जाने के कारण वहां से निर्माण एवं अन्य कामों के लिए तटीय कर्नाटक आने वाले श्रमिकों में भी संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों पर विशेष निगरानी शुरू की है।
विभाग की ओर से निर्माण कंपनियों को श्रमिकों को काम पर लगाने से पहले मलेरिया की जांच कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। निर्माणाधीन भवनों में काम कर रहे श्रमिकों की निगरानी के लिए विशेष दल गठित किया गया है। स्वास्थ्यकर्मी निर्माण स्थलों पर जाकर रक्त के नमूने लेकर जांच कर रहे हैं।
घर-घर लार्वा सर्वेक्षण
बारिश और धूप के बीच बदलते मौसम से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर लार्वा सर्वेक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सावधानी ही बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरदानी और खिडक़ी-दरवाजों पर जाली का इस्तेमाल करने, गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने तथा बुखार को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। चिकित्सकीय सलाह के बिना दवा नहीं लेने की भी हिदायत दी गई है।
जनता का सहयोग भी जरूरी
बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया सहित संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों में मामले सामने आ रहे हैं। रोग नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग निगरानी कर रहा है, लेकिन इसमें जनता का सहयोग भी जरूरी है।
–डॉ. नवीनचंद्र कुलाल, जिला सर्वेक्षण अधिकारी, दक्षिण कन्नड़
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