नाबालिगों के विवाह और गर्भधारण पर रोक के लिए स्कूलों में बढ़ाएं जागरूकता अभियान
जनवरी से जून तक 6,714 श्वानों के काटने के मामले
हुब्बल्ली। जिलाधिकारी स्नेहल आर. ने कहा कि स्कूली बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। हाल के दिनों में नाबालिग बालिकाओं के गर्भवती होने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में बच्चों को सुरक्षा, बाल विवाह और किशोरावस्था से जुड़े विषयों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
जिलाधिकारी ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय धारवाड़ में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की विभिन्न जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।
नाबालिग विवाह पर सख्ती
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु में विवाह कराना कानूनन अपराध है, इसके बावजूद कुछ अभिभावक बच्चों का विवाह करा रहे हैं। नाबालिग के गर्भवती होने पर उम्र बदलकर अस्पताल में भर्ती कराने के मामले सामने आने पर सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को तत्काल पुलिस या महिला एवं बाल संरक्षण इकाई को सूचना देनी चाहिए।
उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में किशोरों को आकर्षण के कारण जीवन से जुड़े गलत निर्णय लेने से बचने के लिए भी जागरूक करने तथा पॉक्सो मामलों की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा।
श्वानों के काटने के 6,714 मामले
जिलाधिकारी ने कहा कि जनवरी से जून 2026 तक जिले में श्वानों के काटने के 6,714 मामले दर्ज हुए हैं। सभी अस्पतालों में टीके उपलब्ध हैं। उन्होंने आवारा श्वानों की नसबंदी और रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सर्पदंश की रोकथाम के लिए सभी तालुक और जिला अस्पतालों को उपचार केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। साथ ही तंबाकू नियंत्रण और एड्स जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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