छात्रों का टोटा: 7 सरकारी स्कूल बंदछात्रों का टोटा: 7 सरकारी स्कूल बंद

तरीकेरे (चिक्कमगलूरु)। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराने के बावजूद स्कूलों के बंद होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। चिक्कमगलूरु जिले के तरीकेरे शैक्षणिक क्षेत्र में चालू शैक्षणिक वर्ष में विद्यार्थियों के अभाव में 7 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं।

तरीकेरे तालुक में लक्कवल्ली गांव का सरकारी तमिल कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय, बांडे कॉलोनी सरकारी कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय, पुंडनहल्ली सरकारी कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय और बी. सिद्धरहल्ली सरकारी कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय में इस वर्ष एक भी विद्यार्थी का दाखिला नहीं हुआ। वहीं अज्जमपुर तालुक में कुरुबरहल्ली सरकारी कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय, दोड्डबोकिकेरे सरकारी कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय और कलेनहल्ली सरकारी उर्दू कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय पर भी ताला लग गया है।

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

लगातार सरकारी स्कूलों के बंद होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का प्रमुख सहारा सरकारी स्कूल हैं। इनके संरक्षण के लिए मौजूदा योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव जरूरी है।

नवंबर 2025 से विद्यार्थियों के दाखिले बढ़ाने के लिए अभियान और जागरूकता रैलियां चलाने के साथ घर-घर जाकर अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने के लिए समझाया जा रहा है। इसके बावजूद अपेक्षित संख्या में विद्यार्थी दाखिला नहीं ले रहे हैं।

लक्कवल्ली के सरकारी तमिल कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय में कुछ वर्ष पहले 100 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते थे, लेकिन बाद में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती गई और इस वर्ष दाखिला शून्य रहने के कारण स्कूल बंद करना पड़ा।

आधुनिक सुविधाओं की कमी भी चुनौती

शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, वर्दी, मध्याह्न भोजन, दूध, अंडा, रागी माल्ट, केला, जूते और मोजे जैसी कई निशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराता है। छात्राओं को शुल्क में छूट भी दी जाती है। हालांकि, स्थानीय लोगों और शिक्षकों का कहना है कि बदलती शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप आधुनिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।

कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस वर्ष भी कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों को अब तक जूते वितरित नहीं किए गए हैं। योजनाओं का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की जरूरत है।

लक्कवल्ली के आसपास एक हजार से अधिक तमिल परिवार रहते हैं। स्थानीय समुदाय के नेताओं चक्रवर्ती, गोविंदराज और हालप्पा के अनुसार, तमिल स्कूल में पिछले कुछ समय से तमिल भाषा पढ़ाने वाला शिक्षक तक उपलब्ध नहीं था। उनका कहना है कि एक तमिल भाषा शिक्षक की नियुक्ति के साथ अंग्रेजी माध्यम शुरू किया जाए तो स्कूल को फिर से शुरू किया जा सकता है।

18 जर्जर स्कूल भवनों को गिराने का प्रस्ताव

विभागीय सूत्रों के अनुसार, तरीकेरे तालुक के 45 स्कूलों की मरम्मत और विकास के लिए 1.70 करोड़ रुपए से अधिक का अनुमान प्रस्तुत किया गया है। अज्जमपुर तालुक के 18 स्कूलों के लिए 1.89 करोड़ रुपए से अधिक का अनुमान तैयार किया गया है। इनमें बेहद जर्जर हो चुके 18 स्कूल भवनों को गिराने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

तरीकेरे शैक्षणिक क्षेत्र की स्थिति

बंद स्कूल – 7
एक शिक्षक वाले स्कूल – 37
10 से कम विद्यार्थियों वाले स्कूल – 56
एलकेजी-यूकेजी संचालित स्कूल – 39
द्विभाषी माध्यम वाले स्कूल – 33
औसत से अधिक विद्यार्थी वाले स्कूल – 35

सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाएं

पाठ्यपुस्तक, यूनिफार्म, मध्याह्न भोजन, दूध, अंडा, रागी माल्ट, केला, जूते-मोजे तथा छात्राओं के लिए शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराई जाती हैं।

 

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By Bharat Ki Awaz

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