हुब्बल्ली। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करते देखा जा रहा है। ऐसे समय में हुब्बल्ली के गोकुल रोड स्थित सरकारी टूल रूम एवं प्रशिक्षण केंद्र (जीटीटीसी) ने एसएसएलसी और पीयूसी उत्तीर्ण तथा एसएसएलसी में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को केवल 10 माह का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
एसएसएलसी में असफल होने वाले विद्यार्थियों के लिए यह प्रशिक्षण रोजगार की नई राह खोल रहा है। वर्ष 2025-26 में जीटीटीसी में 10 माह के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को बेंगलूरु, मैसूरु, हुब्बत्ली और धारवाड़ सहित प्रमुख शहरों की प्रतिष्ठित कंपनियों में अच्छे वेतन पर ट्रेनी के रूप में रोजगार मिला है।
पांच पाठ्यक्रम, सभी को रोजगार
जीटीटीसी के प्राचार्य मारुति भजंत्री के अनुसार, केंद्र में पांच व्यावसायिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें टूल रूम मशीनिस्ट में 50, एडवांस्ड टूल रूम मशीनिस्ट में 50, व्हीकल असेंबली फिटर में 50, ऑटोमोबाइल वेल्डर में 30 तथा मल्टीस्किल टेक्नीशियन में 80 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण लिया। सभी विद्यार्थियों को वर्ष के अंत में आयोजित कैंपस चयन के दौरान ट्रेनी के रूप में नौकरी मिली।
औद्योगिक क्षेत्र में वेल्डिंग, फिटिंग, टर्निंग, मिलिंग, ग्राइंडिंग और सीएनसी मशीन संचालन जैसे कौशल वाले युवाओं की मांग है। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, विमानन और टूलिंग उद्योगों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।
इन कंपनियों में मिला रोजगार
प्लेसमेंट अधिकारी लीलाधर चलगेरी के अनुसार, पिछले वर्ष एयरोप्लाटिना टेक्नोलॉजीज में 2, एरोटेक प्रिसीजन में 2, एरोमेक प्रिसीजन में 3, मल्टीटेक इंजीनियरिंग में 2, फ्यूचरटेक एलएलपी में 2 तथा मैसूरु की रंगासन्स एयरोस्पेस में 2 विद्यार्थियों को ट्रेनी के रूप में रोजगार मिला।
इसके अलावा हाइकाम इंजीनियरिंग में 7, ग्लोबल डिजाइन में 4, डीएफएम टेक्नोलॉजीज में 28, इनसाइट कैम सेंटर में 26, एकस एचडीसी में 6, वीर ओ मेटल में 8, वीएमएक्स हाइ कनेक्टर में 10, विप्रो कावासाकी में 40, जिया इंजीनियरिंग में 1, उनो मिंडा में 17 और लक्ष्मी टूलिंग्स में 4 विद्यार्थियों को नौकरी मिली।
धारवाड़ के मुत्तु कल्याणी ने बताया कि पीयूसी विज्ञान शाखा उत्तीर्ण करने के बाद आगे पढ़ाई जारी रखने की इच्छा नहीं थी। इसलिए उन्होंने जीटीटीसी का व्यावसायिक पाठ्यक्रम किया और अब बेंगलूरु की हाइकाम इंजीनियरिंग कंपनी में सीएनसी मशीन ऑपरेटर के रूप में नौकरी हासिल की है।
अल्पावधि कौशल प्रशिक्षण भी
जीटीटीसी में इंजीनियरिंग, डिप्लोमा, बीसीए, बीएससी और आइटीआइ विद्यार्थियों तथा स्नातकों के लिए औद्योगिक ऑटोमेशन, आइओटी, वेब डेवलपमेंट, साइबर सुरक्षा, एआइ, एआर-वीआर, बिल्डिंग ऑटोमेशन, पीएलसी, सीएडी, सीएएम, डिजिटल मार्केटिंग और 3डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में अल्पावधि कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद इंटर्नशिप और उद्योगों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
प्राचार्य मारुति भजंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष प्रशिक्षित 13 विद्यार्थियों को विमानन कंपनियों में रोजगार मिला। बेहतर कौशल रखने वाले युवाओं को 18,000 से 30,000 रुपए प्रतिमाह तक वेतन मिल रहा है।
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