बेलगावी सीमा विवाद: महाराष्ट्र ने 2004 की सुप्रीम कोर्ट याचिका में फुंकी जानबेलगावी।

कर्नाटक का रुख स्पष्ट-महाजन आयोग की रिपोर्ट ही अंतिम

महाराष्ट्र ने 865 मराठी भाषी गांवों पर जताया अधिकार

बेलगावी। कर्नाटक सरकार द्वारा बेलगावी नगर निगम को महाजन आयोग की रिपोर्ट अंतिम है का स्पष्ट संदेश भेजने के तुरंत बाद महाराष्ट्र सरकार ने नया दांव चला है। महाराष्ट्र ने बेलगावी, निप्पानी और कारवार सहित 865 मराठी भाषी गांवों व शहरों को अपने राज्य में शामिल करने की मांग को लेकर 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई अपनी मूल याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है।

कर्नाटक का सख्त निर्देश

बेलगावी नगर निगम की ओर से सीमा विवाद से जुड़े प्रस्ताव पर राज्य सरकार से राय मांगी गई थी। इस पर कर्नाटक सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महाजन आयोग की रिपोर्ट और राज्य विधानमंडल के पूर्व प्रस्ताव ही कर्नाटक का आधिकारिक रुख हैं। सरकार ने कहा है कि इस मुद्दे को बार-बार सरकार के समक्ष लाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

22 साल पुराना विवाद फिर गरमाया

महाराष्ट्र सरकार का तर्क है कि 1956 के राज्य पुनर्गठन के दौरान कई मराठी भाषी क्षेत्र अन्यायपूर्ण तरीके से कर्नाटक में शामिल कर दिए गए थे। दूसरी ओर, कर्नाटक का हमेशा से यह रुख रहा है कि महाजन आयोग द्वारा सीमा विवाद का निपटारा किया जा चुका है, इसलिए इस मुद्दे को दोबारा खोलने का कोई औचित्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के पाले में गेंद

महाराष्ट्र की नई पहल से यह दशकों पुराना कानूनी और राजनीतिक विवाद एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत के प्रांगण में पहुंच गया है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस याचिका को सुनवाई के लिए कब सूचीबद्ध करता है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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