वोट मत काटो, कर्ज माफ करोडॉ. एम.बी. पाटील।

एसआइआर और किसान कर्जमाफी पर पाटील का केंद्र पर हमला

विजयपुर। एसआइआर के बहाने मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाते हुए जिला प्रभारी मंत्री डॉ. एम.बी. पाटील ने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बबलेश्वर और विजयपुर शहर विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए सामूहिक आपत्तियां दाखिल की गईं और बाद में उन्हें वापस ले लिया गया। पाटील ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानूनी राय ली जा रही है।

पाटील के अनुसार, बबलेश्वर में 1,607 और विजयपुर शहर में करीब 14 हजार मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दाखिल की गईं। उन्होंने कुछ आपत्तिकर्ताओं के नाम बताते हुए दावा किया कि वे विजयपुर शहर के भाजपा विधायक कार्यालय से जुड़े कर्मचारी हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

वोट काटने की कोशिश लोकतंत्र पर हमला

पाटील ने कहा कि मृतक, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले नाम नियमों के तहत हटाए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पात्र मतदाता का नाम हटाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए चुनिंदा वर्गों के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। पाटील ने कहा कि मतदाता का अधिकार किसी भी राजनीतिक दल की चुनावी रणनीति से बड़ा है।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके कार्यकाल में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।

उद्योगपतियों का कर्ज माफ, तो किसानों का भी कर्ज माफ करें

एसआइआर के साथ पाटील ने किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। राज्य में सूखे और फसल नुकसान का हवाला देते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों के कर्ज माफ करने की मांग की।

पाटील ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के समय किसानों को कर्जमाफी दी गई थी। उनके मुताबिक, जब बड़े उद्योगपतियों के कर्ज को राइट-ऑफ किया जा सकता है, तो अन्नदाता किसानों के कर्ज माफ क्यों नहीं किए जा सकते।

उन्होंने दावा किया कि वर्षा आधारित कृषि को भारी नुकसान हुआ है तथा कपास, गन्ना, तुअर और सूरजमुखी जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं। उन्होंने केंद्र से सूखा राहत के मानकों में बदलाव कर प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता देने की मांग की।

एसआइआर और सूखा—दोनों पर जवाब चाहिए

पाटील ने कहा कि एक ओर पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी है, तो दूसरी ओर संकट में फंसे किसानों को आर्थिक राहत देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि एसआइआर से जुड़े आरोपों तथा किसानों की राहत—दोनों मामलों में केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए।

 

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