मूड़बिद्री के 100 से अधिक परिवारों की दुश्वारिया
रात में स्ट्रीट लाइट भी नहीं
सडक़ के समग्र विकास के लिए करीब 4 करोड़ रुपए की जरूरत
वर्षों से ग्रामीणों की मांग
मूड़बिद्री (दक्षिण कन्नड़)। एक ओर ऊंचा पहाड़ी इलाका और दूसरी ओर बदहाल कच्ची सडक़। जल जीवन मिशन की पाइपलाइन बिछी है, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। रात में स्ट्रीट लाइट नहीं और आपात स्थिति में वाहन घर तक पहुंचना भी मुश्किल। यह हाल है तेनकमिजारु ग्राम पंचायत क्षेत्र के ओंटिमारु, कोल्लोट्टु, पादडका, पिदमले और मायाण इलाके में रहने वाले 100 से अधिक परिवारों का।
सरकार से वर्षों पहले जमीन मिलने के बाद इन परिवारों ने छोटी खेती के सहारे जीवन शुरू किया, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का इंतजार अब भी खत्म नहीं हुआ। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण जल जीवन मिशन की पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी घरों तक नहीं पहुंचने की शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं।
आपात स्थिति में 200 रुपए का अतिरिक्त बोझ
स्थानीय निवासी यशोदा ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या सडक़ की है। कच्ची और ऊबड़-खाबड़ सडक़ बारिश में और खराब हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, आपात स्थिति में वाहन घर तक नहीं पहुंच पाते। ऑटो रिक्शा बुलाकर मुख्य सडक़ तक जाना पड़े तो करीब 200 रुपए खर्च होते हैं। गरीब परिवारों के लिए यह भी बड़ा बोझ है।
बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी होती है। कई बार परिजनों को मरीजों को उठाकर या पैदल मुख्य सडक़ तक ले जाना पड़ता है।
चार करोड़ की जरूरत
ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में 100 से अधिक घर और करीब 350 लोगों की आबादी है। विभिन्न समुदायों के परिवार यहां रहते हैं। पंचायत बैठकों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष सडक़ को डामरीकृत या कंक्रीट करने की मांग कई बार उठाई गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
ओंटिमारु-कोल्लोट्टु से पादडका, पिदमले और मायाण को जोडऩे वाली सडक़ के समग्र विकास के लिए करीब 4 करोड़ रुपए की जरूरत बताई जा रही है। सडक़ समतलीकरण, निचले हिस्सों में मिट्टी भरने और जरूरत के स्थानों पर पुलिया निर्माण सहित कार्य कराने की मांग है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की मांग की है।
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