बेलगावी के 2.70 लाख किसान ई-केवाईसी से चूके
जिले के 5.38 लाख लाभार्थियों में आधे की प्रक्रिया अधूरी
24वीं किस्त से पहले नहीं जागे तो अटक सकती है सहायता राशि
चिक्कोडी में सबसे ज्यादा 30,111 किसानों की ई-केवाईसी लंबित
रायबाग और रामदुर्ग भी पीछे
बेलगावी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त से पहले बेलगावी जिले के 2,70,673 किसानों पर आर्थिक सहायता से वंचित होने का खतरा मंडरा रहा है। जिले के कुल 5,38,364 लाभार्थियों में से आधे से अधिक किसानों ने अब तक अनिवार्य ई-केवाईसी नहीं कराई है। ऐसे में समय रहते प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले किसानों की अगली किस्त अटक सकती है। योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपए और सालाना 6,000 रुपए की सहायता दी जाती है।
केंद्र सरकार जल्द ही योजना की 24वीं किस्त जारी कर सकती है। इससे पहले ई-केवाईसी पूरी करना किसानों के लिए जरूरी है। सरकार का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों को सूची से हटाकर पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से राशि पहुंचाना है। इसके लिए अंगूठे के निशान या चेहरे की पहचान के आधार पर ई-केवाईसी की सुविधा दी गई है।
चिक्कोड़ी में सबसे ज्यादा मामले लंबित
जिले में अब तक 2,67,691 किसानों ने ही ई-केवाईसी पूरी की है। तालुक स्तर पर चिक्कोड़ी में 30,111 किसानों की प्रक्रिया लंबित है। रायबाग में 24,825, रामदुर्ग में 22,168, बेलगावी में 18,862 और सवदत्ती में 18,915 किसान अभी तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक जरूरी सूचना पहुंचाने और प्रक्रिया पूरी कराने की जरूरत है।
केंद्रों से लेकर मोबाइल ऐप तक सुविधा
किसान सामान्य सेवा केंद्र, ग्राम वन, कर्नाटक वन और कृषि विभाग के किसान संपर्क केंद्रों पर ई-केवाईसी करा सकते हैं। पीएम-किसान मोबाइल ऐप से भी स्वयं प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा उपलब्ध है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक एच.डी. कोळेकर ने किसानों से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील की है। जिला प्रशासन से भी जागरूकता अभियान तेज करने की मांग उठ रही है, ताकि पात्र किसान केवल प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण सहायता से वंचित न रह जाएं।
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