तोडक़र छोड़ी गई सडक़ें और अधूरी पाइपलाइन बनी खतरा
कई घरों में नलों से नहीं आ रहा पानी
तीर्थहल्ली (शिवमोग्गा). ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना का काम तीर्थहल्ली तालुक में धीमी गति से चल रहा है। कई गांवों में घरों तक नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी की एक बूंद भी नहीं आ रही है। वहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे महीनों से खुले पड़े हैं, जिससे लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ग्रामीण सडक़ों पर पाइपलाइन डालने के लिए जगह-जगह गड्ढे खोदे गए हैं। कई स्थानों पर मिट्टी सडक़ पर ही छोड़ दी गई है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में कोमने के पास एक शिक्षक गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बारिश के मौसम में कई निजी और सरकारी बसें भी इन गड्ढों में फंस चुकी हैं। डामर सडक़ काटने के बाद दोबारा मरम्मत नहीं की जा रही है।
ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता विभाग के अनुसार 1,876 मजरे गांवों में पानी उपलब्ध कराने के लिए 38 ग्राम पंचायतों में 144 करोड़ रुपए की लागत से 603 कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा बहुग्राम पेयजल योजना (एमवीएस) के तहत 267.7 करोड़ रुपए की लागत से 36 ग्राम पंचायतों को पानी उपलब्ध कराने का काम प्रगति पर है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगह ड्रेनेज लाइन के पास पाइप डाले जा रहे हैं, जिससे पाइप टूटने या रिसाव की स्थिति में गंदा पानी पेयजल में मिल सकता है। वहीं जल्दबाजी में पुराने पीवीसी पाइप से ही नई एचडीपीई पाइपलाइन जोडक़र नल लगाए जा रहे हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
मार्च के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य
योजना के चार चरणों में से दो चरणों का कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य मार्च के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
–कांतराज एस.एन., एईई, आरडब्ल्यूएसडी विभाग

