राज्य सरकार ने बढ़ाई समयसीमा; 1,000 वर्गमीटर तक की संपत्तियां पात्र, लेकिन जमीन का गैर-कृषि उपयोग और मास्टर प्लान के अनुरूप होना जरूरी
हुब्बल्ली। कर्नाटक के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बी-खाता संपत्तियों के मालिकों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। बी-खाता संपत्तियों को निर्धारित शर्तों के तहत ए-खाता में बदलने की विशेष सुविधा अब 31 दिसंबर 2027 तक जारी रहेगी। इससे लंबे समय से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे लाखों संपत्ति मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ए-खाता में परिवर्तन होने से संपत्ति को अधिक स्पष्ट कानूनी मान्यता मिलने के साथ बैंक ऋण, बिक्री और हस्तांतरण जैसी प्रक्रियाओं में आने वाली कई व्यावहारिक दिक्कतें दूर हो सकती हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
शहर या ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित अधिकतम 1,000 वर्गमीटर यानी करीब 10,764 वर्गफुट तक की जमीन, प्लॉट या संपत्ति।
संपत्ति का उपयोग पहले से गैर-कृषि उद्देश्य के लिए हो रहा हो।
संपत्ति संबंधित क्षेत्र के मास्टर प्लान, जोनिंग और शहरी विकास प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप हो।
कट-ऑफ तारीख भी महत्वपूर्ण
शहरी क्षेत्र: संपत्ति के लिए बी-खाता 10 सितंबर 2024 या उससे पहले का होना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्र: बी-खाता 7 अप्रेल 2025 या उससे पहले दर्ज होना चाहिए।
जिन संपत्तियों का कोई खाता नहीं है, उनके मामले में निर्धारित कट-ऑफ तारीख से पहले का पंजीकृत लेन-देन होना जरूरी होगा।
इन जमीनों को नहीं मिलेगा लाभ
योजना के तहत बी-खराब जमीन, वन भूमि, गोमाळ (गोचर) भूमि, तालाब एवं तालाब की सीमा, शहरी नालेे, सडक़ और सडक़ किनारे आरक्षित जमीन को शामिल नहीं किया गया है। सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि, अधिग्रहण प्रक्रिया में चल रही संपत्तियां तथा अदालत या न्यायाधिकरण में विवादित संपत्तियां भी पात्र नहीं होंगी।
इसके अलावा सरकारी प्रतिबंध वाली और मास्टर प्लान का गंभीर उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को भी इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
कैसे होगा ए से बी खाता परिवर्तन?
नगर निकायों के अधिकृत अधिकारी और ग्राम पंचायतों के पंचायत विकास अधिकारी (पीडीओ) आवेदन स्वीकार कर संपत्ति की जांच करेंगे। निर्धारित परिवर्तन शुल्क, जुर्माना और कर जमा करने के बाद पात्र संपत्तियों के लिए ए-खाता जारी किया जाएगा।
डिजिटल जांच से होगी पड़ताल
धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए दस्तावेजों की डिजिटल जांच की जाएगी। राजस्व विभाग आरटीसी, ए/बी-खराब विवरण, म्यूटेशन रिकॉर्ड, संपत्ति के अधिकार एवं दायित्व और पहणी रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच करेगा।
मालिकों को क्या फायदा?
कानूनी मान्यता: संपत्ति की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
बैंक ऋण: गृह ऋण और संपत्ति के बदले ऋण लेने में आसानी हो सकती है।
मूल्य में बढ़ोतरी: ए-खाता होने से संपत्ति का बाजार मूल्य बेहतर होने की संभावना है।
आसान हस्तांतरण: बिक्री, खरीद और उत्तराधिकार संबंधी पंजीकरण में आने वाली अड़चनें कम हो सकती हैं।
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