चिक्कमगलूरु नगर परिषद पर 15 करोड़ का कर बकायाचिक्कमगलूरु नगर परिषद कार्यालय।

बकाया वसूली के लिए पांच विशेष दल गठित, नागरिकों में असंतोष

चिक्कमगलूरु। कॉफी नगरी चिक्कमगलूरु में वर्षों तक कर वसूली के प्रति बरती गई प्रशासनिक अनदेखी के कारण नगर परिषद का बकाया बढक़र 15 करोड़ रुपए के भारी-भरकम आंकड़े तक पहुंच गया है। अधिकारियों द्वारा समय पर सख्ती न दिखाने और नागरिकों की ओर से भी स्वेच्छा से कर न चुकाने के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

वसूली के लिए 5 विशेष दलों का गठन

संपत्ति सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नगर परिषद ने बकाया राशि की शत-प्रतिशत वसूली के लिए 5 विशेष टीमों का गठन किया है। बीते दो महीनों से नागरिकों से बकाया चुकाने की लगातार अपील की जा रही है, परंतु अब तक महज 3 करोड़ रुपए की वसूली ही हो सकी है।

कठोर कार्रवाई की चेतावनी

नगर परिषद के आयुक्त बसवराजु ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि कर न चुकाने वाले डिफॉल्टरों को उनके घरों और दुकानों पर अंतिम नोटिस भेजा जाएगा। यदि तय समयसीमा में भुगतान नहीं किया गया, तो न केवल पेयजल कनेक्शन काट दिए जाएंगे, बल्कि संपत्तियों की जप्ती वारंट जारी कर विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

नागरिकों में व्यापक असंतोष

प्रशासन के इस कड़े रुख से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश और असंतोष देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद ने बीते पांच वर्षों तक वसूली में खुद घोर लापरवाही बरती, और अब अचानक सारा बकाया एक साथ जमा करने का दबाव बनाना न्यायसंगत नहीं है।

बकाया कर का विवरण

नगर परिषद के अनुसार विभिन्न मदों में बकाया राशि इस प्रकार है।

पेयजल कर- 6 करोड़ रुपए
संपत्ति कर – 5 करोड़ रुपए
दुकानों का किराया – 3 करोड़ रुपए (नगर परिषद की दुकानें)
उद्योग लाइसेंस शुल्क – 1 करोड़ रुपए

 

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