कलबुर्गी में दलित उत्पीड़न के मामले बढ़े, डेढ़ वर्ष में 133 केस दर्जकलबुर्गी में दलित उत्पीड़न के मामले बढ़े, डेढ़ वर्ष में 133 केस दर्ज

जातिसूचक गाली, मारपीट, हत्या, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के मामले अधिक

जागरूकता कार्यक्रमों की कमी पर उठे सवाल

कलबुर्गी। कलबुर्गी जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के खिलाफ अत्याचार के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में 106 मामले दर्ज हुए, जबकि 2026-27 में जुलाई तक 27 नए मामले सामने आ चुके हैं। इस प्रकार 2025 से जुलाई 2026 तक कुल 133 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें जातिसूचक अपमान, जान से मारने की धमकी, मारपीट, हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध प्रमुख हैं।

आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में 100, 2025-26 में 106 तथा 2026-27 में अब तक 27 मामले दर्ज किए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक प्रगति के बावजूद दलित समुदाय के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं थम नहीं रही हैं।

दलित नेताओं का आरोप है कि अत्याचार निवारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर केवल औपचारिक बैठकें होती हैं, लेकिन एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और नागरिक अधिकार संरक्षण कानून के प्रति जनजागरूकता के प्रभावी अभियान नहीं चलाए जा रहे।

वरिष्ठ दलित नेता अर्जुन भद्रे ने कहा कि पुलिस थानों में नियमित दलित डे बैठकों का आयोजन नहीं हो रहा है, जिससे कानून के प्रति जागरूकता का अभाव बना हुआ है।

जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे

समाज कल्याण विभाग की संयुक्त निदेशक प्रीति दोड्डमनी ने कहा कि जिला प्रशासन प्रत्येक तीन माह में समीक्षा बैठक आयोजित कर रहा है। पीडि़तों को नियमानुसार चरणबद्ध मुआवजा दिया जा रहा है तथा समाज में समानता और जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। अत्याचार रोकने के लिए आगे और सख्त जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

 

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By Bharat Ki Awaz

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