जिलाधिकारी ने कुमटगी के ग्रीष्मकालीन महल और चट्टारकी दत्तात्रेय मंदिर का किया निरीक्षण
विजयपुर। जिले के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में जिला पर्यटन विकास विशेष समिति के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी डॉ. आनंद के. ने कुमटगी स्थित आदिलशाही कालीन ग्रीष्मकालीन महल तथा सिंदगी तालुक के चट्टारकी गांव स्थित दत्तात्रेय मंदिर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
महल में मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
कुमटगी के ऐतिहासिक ग्रीष्मकालीन महल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने यहां की अनूठी वैज्ञानिक जलापूर्ति व्यवस्था, दुर्लभ भित्तिचित्रों तथा समीप स्थित ऐतिहासिक तालाब को देखा।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए जिला पंचायत के अनुदान से तत्काल शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, केंद्र सरकार की ‘स्वदेश दर्शन’ योजना के तहत महल के समग्र विकास के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
12वीं सदी के मंदिर का भी निरीक्षण
इसके बाद अधिकारियों ने सिंदगी तालुक के चट्टारकी गांव स्थित 12वीं सदी के आकर्षक शिल्प एवं पत्थर की नक्काशी वाले दत्तात्रेय मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने पुजारियों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर मंदिर के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय, संपर्क सडक़, बिजली और पेयजल की व्यवस्था तत्काल करने के पंचायत विकास अधिकारी को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग और पर्यटन विभाग के समन्वय से इस स्थल का भी स्वदेश दर्शन योजना के तहत विकास किया जाएगा।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग के उपनिदेशक अरविंद हूगार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के सहायक संरक्षण अधिकारी लॉरेंस, विभागीय अधिकारी, पर्यटन मार्गदर्शक अमीन हुल्लूर, सरदार जाधव तथा देवरहिप्परगी तहसीलदार मौजूद थे।
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