2023 में सिर्फ 2 पंचायतें थीं क्षय मुक्त, अब संख्या बढक़र 72 हुई; उपचार सफलता दर 88 प्रतिशत
हुब्बल्ली। क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन की दिशा में धारवाड़ जिले ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। जिले की 72 ग्राम पंचायतें क्षय रोग मुक्त घोषित की जा चुकी हैं। केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा धारवाड़ के सांसद प्रल्हाद जोशी ने इसे जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों और केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
दो से 72 पंचायतों तक पहुंचा सफर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में नई दिल्ली में कर्नाटक और केरल के सांसदों के साथ क्षय रोग उन्मूलन को लेकर हुई बैठक में जोशी ने धारवाड़ की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में जिले में केवल दो ग्राम पंचायतें क्षय मुक्त थीं, जबकि 2025 तक यह संख्या बढक़र 72 हो गई।
उन्होंने कहा कि जिले में क्षय उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर जांच और उपचार अभियान चलाया जा रहा है तथा उपचार की सफलता दर वर्तमान में 88 प्रतिशत है।
130 दिनों में 161 एक्स-रे शिविर
जोशी के अनुसार, जिला प्रशासन ने 130 दिनों में 161 एक्स-रे शिविर आयोजित कर 7,800 से अधिक लोगों की जांच की। जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान निर्धारित लक्ष्य से अधिक 43,840 लोगों की जांच की गई, जो लक्ष्य का 124 प्रतिशत है।
‘निक्षय मित्र’ से पोषण सहायता
जोशी ने कहा कि क्षय रोगियों को उपचार के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए ‘निक्षय मित्र’ योजना के माध्यम से सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘क्षय मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने तथा धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
नई दिल्ली में हुई बैठक में स्वदेशी अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जांच और आधुनिक उपचार सुविधाओं के माध्यम से क्षय उन्मूलन को गति देने पर भी चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे, सुरेश गोपी और अनुप्रिया पटेल सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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