उपेक्षा से सूख रहे ऐतिहासिक जलस्रोत, संकट में जल विरासतचित्रदुर्ग के एलआइसी कार्यालय के बगल स्थित केंचमल्लप्पन बावड़ी की खस्ताहाल।

कुएं, बावडिय़ां और पुष्करणियां कचरे से पटीं

अतिक्रमण और गंदगी से जलसंचय क्षमता भी घटी

चित्रदुर्ग। सात परकोटों और ऐतिहासिक स्मारकों के लिए प्रसिद्ध चित्रदुर्ग शहर की प्राचीन जल विरासत अब उपेक्षा का शिकार है। पूर्वजों ने वर्षाजल संग्रह कर लोगों और पशुओं की प्यास बुझाने के लिए जिन कुओं, बावडिय़ों और पुष्करणियों का निर्माण कराया था, उनमें से कई अस्तित्व खोने की कगार पर हैं। कुछ जलस्रोत गायब हो चुके हैं, जबकि बचे हुए जलाशयों में पानी के बजाय गाद, कचरा, प्लास्टिक और झाडिय़ां दिखाई देती हैं।

किले परिसर की कामनबावी, सन्ते होंडा, वेंकटरमण स्वामी मंदिर के सामने की पुष्करणी, चेन्नकेशव मंदिर के पीछे की बावड़ी, ईश्वर मंदिर के सामने की कल्याणी, एलआइसी कार्यालय के पास केंचमल्लप्पा की बावड़ी तथा केएसआरटीसी परिसर के पारंपरिक जलस्रोत बदहाल हैं। कई जगह वर्षों से गाद नहीं निकाली गई, जिससे जलसंचय क्षमता घट गई है। कुछ जलस्रोतों में पानी है, लेकिन वह उपयोग के योग्य नहीं है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के साथ लोगों की लापरवाही भी समस्या बढ़ा रही है। नियमित सफाई के साथ जलस्रोतों का संरक्षण जरूरी है। पुष्करणियों के चारों ओर सुरक्षा दीवार, लोहे की जाली, चेतावनी बोर्ड और कचरा फेंकने पर जुर्माने की व्यवस्था होनी चाहिए।

चिक्ककेरे में धड़ल्ले से डाला जा रहा कचरा

नायकनहट्टी: ऐतिहासिक गुरुतिप्पेरुद्रस्वामी चिक्ककेरे में पुराने भवनों का मलबा, शराब की थैलियां, बोतलें और अन्य कचरा खुलेआम डाला जा रहा है। 389.19 एकड़ में फैली झील बारिश की कमी से सूखी पड़ी है और इसमें कीकर के पौधे फैल गए हैं। रोकथाम के लिए लोहे की बैरिकेडिंग के बावजूद कचरा डालना जारी है।

सन्ते होंडा भी बदहाल

होसदुर्ग: निजी बस अड्डे के पास स्थित सन्ते होंडा के आसपास गंदा पानी और कचरा जमा है। टूटा हुआ प्रवेश द्वार वर्षों से नहीं सुधारा गया। अंधेरा होने पर असामाजिक गतिविधियां बढऩे की शिकायत भी है। दुकानदारों ने प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी लगाने की मांग की है।

सिरिगेरे की मीठे पानी की बावड़ी उपेक्षित

सिरिगेरे: दशकों तक ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाली मीठे पानी की बावड़ी भी झाडिय़ों से घिर गई है। धार्मिक आयोजनों से जुड़ी इस ऐतिहासिक बावड़ी के संरक्षण की मांग उठ रही है।

जुर्माना लगाने की कार्रवाई

पुष्करणियों और तालाबों की कई बार सफाई कराई गई है। फिर भी लोग कचरा डालना बंद नहीं कर रहे। सीसीटीवी लगाने के साथ दल गठित कर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
एस. लक्ष्मी, नगर निकाय आयुक्त

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *