शहीद किसान को श्रद्धांजलि देकर पूर्व मंत्री ने सूखा राहत, फसल बीमा और कलसा-बंडूरी परियोजना पर सरकार को घेरा
हुब्बल्ली। पूर्व मंत्री शंकर पाटिल मुनेनकोप्प ने मंगलवार को शहीद किसान बसप्पा लक्कुंडी के वीर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किसानों के हितों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि नवलगुंद की धरती केवल मिट्टी नहीं, बल्कि किसान आंदोलन और बलिदान की पवित्र भूमि है।
प्रति एकड़ 50 हजार रुपए राहत की मांग
किसानों के ज्ञापन को स्वीकार करते हुए उन्होंने राज्य सरकार से सूखे से प्रभावित किसानों को तत्काल प्रति एकड़ 50 हजार रुपए का मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भीषण सूखे से किसान आर्थिक संकट में हैं और सरकार को तत्काल राहत पैकेज घोषित करना चाहिए।
फसल बीमा किसानों का अधिकार
मुनेनकोप्प ने कहा कि फसल बीमा की राशि प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने राजस्व, कृषि, सांख्यिकी और उद्यानिकी विभागों से सटीक सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही किसानों के साथ अन्याय होगी, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलसा-बंडूरी परियोजना जल्द लागू हो
उन्होंने कहा कि उत्तर कर्नाटक की जीवनरेखा मानी जाने वाली कलसा-बंडूरी परियोजना को शीघ्र लागू कराने के लिए प्रयास जारी हैं। उनका कहना था कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी वन एवं कानूनी बाधाओं को दूर कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने किसानों की एकजुटता पर बल देते हुए कृषि हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष निंगप्पा सुतगट्टी, किसान मोर्चा अध्यक्ष राघवेंद्रगौड़ा पाटिल सहित बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय नेता उपस्थित थे।
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