परिजनों ने वेतन न देने, धमकी और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का आरोप लगाया; निष्पक्ष जांच की मांग
गदग. गदग जिले में विधायक के चालक सुनील लमाणी की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के परिजनों ने शिरहट्टी के विधायक डॉ. चंद्रु लमाणी पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
सुनील लमाणी ने 9 जनवरी 2025 को फांसी लगाकर जान दे दी थी। उस समय प्रारंभिक तौर पर घटना को पारिवारिक विवाद से जोडक़र देखा गया था। हालांकि अब मृतक के पिता, माता और भाई का आरोप है कि विधायक के कथित अनियमित कार्यों की जानकारी सुनील को थी, जिसके कारण उसे धमकियां दी जा रही थीं। परिजनों का आरोप है कि उसे काम का पूरा वेतन नहीं दिया गया था, जिससे वह मानसिक तनाव में था।
धमकी देने का आरोप
परिजनों ने दावा किया कि मामले को आगे बढ़ाने पर उनके बड़े बेटे को भी जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारी पर भी सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए उन्हें लगभग एक वर्ष तक भटकना पड़ा।
मौत पर पहले से था संदेह
सुनील लमाणी विधायक के आवास पर चालक के रूप में कार्यरत था और वहीं उसकी मौत हुई थी। घटना के समय पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना था। हालांकि परिजनों ने शुरुआत से ही मौत पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया कि शव का पंचनामा जल्दबाजी में किया गया और उनके पहुंचने से पहले ही शव हटा दिया गया। उनका कहना है कि गर्दन पर खून के निशान होने से मामला संदिग्ध प्रतीत होता है।
फिलहाल परिजनों के आरोप सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पूरे प्रकरण की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है।
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