बारिश में जानलेवा बने पुराने पत्थर खदान गड्ढे

सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से हादसे का खतरा

कार्कल के अय्यप्पा नगर में सडक़ किनारे खुले गहरे गड्ढों से स्थानीय लोग चिंतित

प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग

कार्कल (उडुपी). मानसून शुरू होते ही कार्कल तालुक में फैली पुरानी पत्थर खदानें फिर से जानलेवा साबित होने लगी हैं। विशेष रूप से बेट्टगेरे ग्राम पंचायत क्षेत्र के अय्यप्पा नगर में मुख्य सडक़ के किनारे स्थित विशाल खदान गड्ढे बारिश का पानी भरने से खतरनाक जलाशय का रूप ले चुके हैं। स्थानीय लोगों ने बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बारिश के दौरान गड्ढे पूरी तरह पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। यदि कोई राहगीर या खेलते समय कोई बच्चा फिसलकर इनमें गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।

न सुरक्षा घेरा, न चेतावनी बोर्ड

इन खदान गड्ढों के आसपास न तो सुरक्षा के लिए बाड़ लगाई गई है और न ही किसी प्रकार के चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। सडक़ से सटे होने के कारण रात के समय गुजरने वाले वाहन चालकों, खासकर बाहरी लोगों के लिए इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। सडक़ और गड्ढा एक समान दिखाई देने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छुट्टियों के दौरान बच्चे यहां पानी में खेलने पहुंच जाते हैं, जबकि कुछ महिलाएं कपड़े धोने भी आती हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।

पहले भी हो चुके हैं दर्दनाक हादसे

कार्कल तालुक में खदान गड्ढों में डूबने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। वर्ष 2012 में कल्या गांव के नेल्लिगुड्डे क्षेत्र में पत्थर खदान में कपड़े धोने गई तीन महिला मजदूरों की फिसलकर डूबने से मौत हो गई थी। वहीं, 2025 में नंदलिके गांव में बिना सुरक्षा घेराबंदी वाले खदान गड्ढे में गिरने से 16 वर्षीय एक छात्र की जान चली गई थी। इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने पर स्थानीय लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

खनन विभाग पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि हर वर्ष जिला प्रशासन खनन एवं भू-विज्ञान विभाग को सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश देता है, लेकिन आबादी वाले क्षेत्रों के पास स्थित इन खदानों में अब तक न तो सुरक्षा घेरा बनाया गया और न ही खदान संचालकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

तहसीलदार प्रदीप ने बताया कि खदान गड्ढों के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग को सूचित किया गया है। हाल ही में विधायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

 

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By Bharat Ki Awaz

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