मूडुबिदिरे में पत्थर खदानें बनीं खतरे का कारणमूडुबिदिरे में पत्थर खदान

बरसात में पानी से भरे गहरे गड्ढों से बढ़ी दुर्घटना की आशंका

सुरक्षा उपायों की मांग तेज

मूडुबिदिरे (दक्षिण कन्नड़). मूडुबिदिरे तालुक के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पत्थर खनन जारी है। निड्डोडी क्षेत्र का लाल पत्थर अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन खनन के बाद छोड़े गए गहरे गड्ढे और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था अब लोगों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।

बरसात में बढ़ा जोखिम

तालुक में 42 अधिकृत पत्थर खदानें और 10 लीज क्षेत्र संचालित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर खनन समाप्त होने के बाद भी गड्ढों के चारों ओर न तो सुरक्षा घेराबंदी की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।

कड़ी निगरानी की जरूरत

खनन विभाग का कहना है कि अवैध खनन पर लगातार नजर रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल अनुमति देना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक खनन क्षेत्र में सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी संकेतक, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था और नियमित निरीक्षण अनिवार्य करना चाहिए।

लोगों ने मांग की है कि बरसात के मौसम में अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण करना चाहिए, खतरनाक स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए तथा नियमों का पालन नहीं करने वाली खदानों के संचालन पर तत्काल रोक लगानी चाहिए, ताकि किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।

 

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By Bharat Ki Awaz

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