800 से ज्यादा आवारा श्वान, नसबंदी पर लाखों खर्चनसबंदी और रेबीजरोधी टीका लगाने के लिए पकड़े गए आवारा श्वान।

सिरसी में श्वानों का आतंक बरकरार, रात में दोपहिया वाहन चालकों का पीछा कर रहे झुंड

अभियान के नतीजों पर उठे सवाल

दो बार 300 से 350 की नसबंदी का दावा, फिर भी लगातार बढ़ रही संख्या

सिरसी (उत्तर कन्नड़)। शहर में 800 से अधिक आवारा श्वानों की मौजूदगी और नसबंदी पर लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद इनकी संख्या में कमी नहीं आने से नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। प्रमुख सडक़ों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में श्वानों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। रात में दोपहिया वाहन चालकों का पीछा करने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।

नसबंदी पर खर्च, परिणाम पर सवाल

नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करने के लिए पशुपालन विभाग के सहयोग से नसबंदी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत श्वानों को पकडक़र निर्धारित केंद्र में ले जाया जाता है, जहां नसबंदी के साथ रेबीजरोधी टीका भी लगाया जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता सतीश भट ने दावा किया कि पहले दो बार करीब 300 से 350 श्वानों की नसबंदी पर लाखों रुपए खर्च किए जाने की जानकारी नगरपालिका के अभिलेखों में दर्ज है। इसके बावजूद श्वानों की संख्या बढऩे से अभियान की प्रभावशीलता पर संदेह पैदा हो रहा है।

उन्होंने नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया की जांच कराने, खर्च का सत्यापन करने तथा नसबंदी किए गए श्वानों की पहचान सुनिश्चित करने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा श्वानों की समस्या से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।

आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

नगरपालिका आयुक्त प्रकाश चन्नप्पनवर ने कहा कि आवारा श्वानों की नसबंदी का काम प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए गए हैं और इस दिशा में कड़े कदम उठाए गए हैं।

 

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By Bharat Ki Awaz

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