संस्कार ही जीवन की वास्तविक पूंजी : काशप्पनवरबागलकोट जिला प्रभारी मंत्री विजयानंद काशप्पनवर का सम्मान करते हुए इलकल ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मन को मिलता आनंद

इलकल (बागलकोट)। शहर के बाजार पेठ स्थित आध्यात्मिक स्थल लक्ष्मी वेंकटेश मंदिर में 13 दिनों से चल रहे नवरात्रि उत्सव का शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन हुआ। पूरे उत्सव के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और उत्साह देखने को मिला।

मुख्य अतिथि लघु उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम तथा बागलकोट जिला प्रभारी मंत्री विजयानंद काशप्पनवर ने कहा कि इलकल ब्राह्मण समाज के सभी आयोजन सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण होते हैं। पारंपरिक विधि-विधान से आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम मन को आनंद देने के साथ संस्कार और ज्ञान में भी वृद्धि करते हैं। दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है और संस्कार ही जीवन की वास्तविक पूंजी हैं।

उन्होंने विद्यागिरी स्थित ब्राह्मण युवक संघ के विशाल भूखंड पर भवन निर्माण के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने समाज की गतिविधियों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की।

ब्राह्मण समाज अध्यक्ष पांडुरंग कुलकर्णी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. राखी पडनेकर, गायक एवं ग्रेनाइट उद्यमी मनोहर करवा तथा वैष्णवी गुळी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समाज को आर्थिक सहयोग देने वाली सरिता धोटीहाळ एवं प्रज्ञा धोटीहाळ का सम्मान किया गया। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, दासर पद एवं रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं तथा विशिष्ट साधना करने वाले साधकों को भी सम्मानित किया गया।

रामचंद्र हुनकुंटी एवं श्रीहरि पुजारी ने वेदघोष किया। प्रो. गिरीश पदकी और संगीता देशपांडे ने संचालन किया। बंडू कट्टी ने संयोजन एवं आभार व्यक्त किया।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *