तीन गांवों में बूंद-बूंद पानी का संकट, सूखी हीरेहल्लादिद्दिगी गांव की नहर में स्थित रिंग टैक पर खड़े रोकर रस्सी से पानी खिंचते हुए ग्रामीण।

सिंधनूर तालुक में पेयजल के लिए भटक रहे ग्रामीण

तुंगभद्रा से नदी में पानी छोडऩे, टैंकरों से तत्काल आपूर्ति की मांग

सिंधनूर (रायचूर)। सिंधनूर तालुक में सूखे के बीच पेयजल संकट गहराने लगा है। रामत्नाल ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले बन्निगनूर, रामत्नाल और दिद्दिगी गांवों में पानी की कमी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कभी इन गांवों का प्रमुख जलस्रोत रही हीरेहल्ला नदी सूखने से ग्रामीणों के सामने पीने और घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

महिलाओं पर बढ़ा पानी जुटाने का बोझ

पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में मशक्कत करनी पड़ रही है। विशेषकर महिलाओं को पानी की व्यवस्था में काफी समय लगाना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सूखे के कारण जलस्रोतों का सूखना और भूजल स्तर गिरना चिंता का विषय है, लेकिन प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था कर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए।

तुंगभद्रा से पानी छोडऩे की मांग

ग्रामीणों ने तुंगभद्रा नदी से हीरेहल्ला में पानी छोडऩे की मांग की है, ताकि जलस्रोत में पानी की उपलब्धता बढ़ सके। उन्होंने जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत से तत्काल टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा संकट के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाने की अपील की है।

मंजु पट्टणशेट्टी, नागराज नायक दिद्दिगी, बसवराज यादव, सिद्धप्पा नायक दिद्दिगी और ईरन्ना उप्पार ने प्रशासन से तीनों गांवों की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र राहत पहुंचाने की मांग की।

 

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By Bharat Ki Awaz

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