विटला में कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई के बाद भंडारण और निस्तारण को लेकर प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
विटला (दक्षिण कन्नड़). कोलनाडु गांव के खंडिग क्षेत्र में किसानों के लिए निर्धारित यूरिया उर्वरक को कथित तौर पर छह गुना अधिक कीमत पर बेचने के मामले में पुलिस और कृषि विभाग द्वारा जब्त की गई 632 बोरी यूरिया के सुरक्षित निस्तारण को लेकर अब चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन की ओर से समय पर आवश्यक निर्देश जारी नहीं किए जाने से भारी मात्रा में जब्त उर्वरक के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
मामले में कोलनाडु-बोलंतूर के खंडिग निवासी मोहम्मद अशरफ तथा बेंगलूरु निवासी सतीश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
निस्तारण के लिए आदेश का इंतजार
पुलिस ने सरकारी अनुदान के तहत किसानों को वितरित किए जाने वाले यूरिया की बड़ी खेप को जब्त कर लिया था। नियमानुसार नमूने सुरक्षित रखने के बाद शेष उर्वरक के निस्तारण के लिए जिला प्रशासन से आदेश आवश्यक है। हालांकि दूसरे शनिवार और रविवार की छुट्टी के कारण इस संबंध में त्वरित निर्णय नहीं लिया जा सका।
बारिश से बढ़ी चिंता
पुलिस अधिकारियों के सामने जब्त सामग्री को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। यदि क्षेत्र में तेज बारिश शुरू होती है तो यूरिया के गलने और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। उर्वरक के भंडारण के लिए उपयुक्त गोदाम की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है।
पुलिस पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ
जब्त सामग्री के रखरखाव, परिवहन और मजदूरी का खर्च फिलहाल पुलिस विभाग को उठाना पड़ रहा है। इस बीच कृषि विभाग और जिला प्रशासन की कथित उदासीनता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इस मामले में त्वरित और ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
तेज बारिश शुरू होने पर जब्त की गई 632 बोरी यूरिया के खराब होने का खतरा है। समय पर निर्णय नहीं होने से इसके रखरखाव का पूरा बोझ पुलिस विभाग पर आ पड़ा है।
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