बारिश के इंतजार में किसान
53 प्रतिशत बारिश की कमी
हगरीबोम्मनहल्ली में भी बोआई प्रभावित
कृषि विभाग ने धैर्य रखने की दी सलाह
होसपेट/हगरीबोम्मनहल्ली (विजयनगर). मानसून की धीमी शुरुआत ने वर्षा आधारित खेती वाले विजयनगर जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष जून के मध्य तक जहां 25 प्रतिशत क्षेत्र में बुआई पूरी हो चुकी थी, वहीं इस बार अब तक केवल 12.37 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुआई हो सकी है। बारिश की कमी के कारण किसान खेत तैयार कर आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
53 प्रतिशत कम हुई बारिश
जिले में कुल 2.94 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 2.38 लाख हेक्टेयर वर्षा आधारित और 56,370 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र है। कृषि विभाग के अनुसार अब तक 36,412 हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुआई हो पाई है, जिसमें 23,462 हेक्टेयर वर्षा आधारित तथा 12,950 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र शामिल हैं।
जून के पहले दो सप्ताह में सामान्य तौर पर 4.17 सेंटीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार केवल 1.97 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे जिले में 53 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
हरपनहल्ली में 67 प्रतिशत, होसपेट में 66 प्रतिशत, कोट्टूर में 53 प्रतिशत, हडगली में 48 प्रतिशत, हगरीबोम्मनहल्ली में 39 प्रतिशत और कूडलिगी में 33 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
मक्का की बुआई के लिए कर रहे इंतजार
जिले के कई किसानों ने खेत तैयार कर लिए हैं और अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस क्षेत्र में मक्का प्रमुख फसल है और किसान इसकी बुआई के लिए अनुकूल मौसम का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों को उम्मीद नहीं छोडऩी चाहिए
संयुक्त कृषि निदेशक डी.टी. मंजुनाथ ने कहा कि मक्का की बुआई के लिए अभी समय निकला नहीं है। जून के अंत तक वर्षा में कमी बनी रहने पर भी बाद में बुआई की जा सकती है। किसानों को फिलहाल निराश होने की आवश्यकता नहीं है। पर्याप्त नमी के बिना बुआई के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि अब तक 2,694 क्विंटल बीज वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 5,754 क्विंटल बीज का भंडार उपलब्ध है। डीएपी को छोडक़र अन्य उर्वरकों की कोई कमी नहीं है।
हगरीबोम्मनहल्ली में भी बुआई की रफ्तार धीमी
हगरीबोम्मनहल्ली तालुक में भी मानसून की कमजोरी के कारण खेती प्रभावित हुई है। जून के दूसरे सप्ताह तक सामान्य बारिश का 93 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होना चाहिए था, लेकिन केवल 34 प्रतिशत बारिश हुई, जिससे 59 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
इस वर्ष 54 हजार हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक वर्षा आधारित क्षेत्रों में केवल 400 हेक्टेयर में सूरजमुखी तथा 150 हेक्टेयर में ज्वार की बुआई हुई है। कृषि विभाग के तीन किसान संपर्क केंद्रों और एपीएमसी अतिरिक्त खरीद केंद्र में रियायती दरों पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में 275 क्विंटल मक्का, ज्वार, सूरजमुखी और मूंगफली के बीज का भंडार उपलब्ध है।
बारिश के लिए दुआ, गधों का विवाह भी कराया
मानसून में देरी से परेशान हरपनहल्ली क्षेत्र के किसानों ने अच्छी बारिश की कामना को लेकर पारंपरिक मान्यताओं के तहत गधों का विवाह कराकर शोभायात्रा निकाली।
रोहिणी की बारिश नहीं हुई
किसान मोरिगेरी नागराज ने कहा कि मानसून के शुरुआती दौर में अपेक्षित बारिश नहीं हुई। रोहिणी नक्षत्र की बारिश भी नहीं मिली, इसलिए खाने वाली ज्वार की बुआई तक नहीं हो सकी है।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जाएंगे
कृषि अधिकारी एस.एच. पाटील ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। आवश्यकतानुसार बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा उर्वरक विक्रेताओं को घटिया बीज नहीं बेचने के निर्देश दिए गए हैं। अच्छी बारिश की उम्मीद है, फिलहाल इंतजार करना होगा।
बारिश की बेरुखी के बीच विजयनगर जिले के किसान अब केवल समय पर मानसून की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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